शाहजहांपुर। लखनऊ से मेरठ लौट रहे सराफा व्यापारी शाहजहांपुर में लापता हो गए। चार दिन से व्यापारी के परिजन जिले में डेरा डाले हुए हैं, लेकिन पुलिस सीमा विवाद में उलझी है। तिलहर और कटरा पुलिस एक-दूसरे के क्षेत्र का मामला बताकर उनके परिवार वालों को टरका रही है जबकि व्यापारी की अंतिम लोकेशन कटरा में मिली है। परिजन के मुताबिक व्यापारी दो लाख रुपये की ज्वैलरी पहने हुए हैं और उन पर लाखों की नकदी होने की भी संभावना है। बृहस्पतिवार को उनके परिजन ने एसपी से मिलकर कार्रवाई की मांग की है।
मेरठ के मोहल्ला इंदिरानगर प्रथम निवासी ओम ज्वैलर्स के मालिक ओमवीर सिंह भदौरिया 13 मार्च को लखनऊ के व्यापारियों से पेमेंट लेने को मेरठ से निकले थे। परिजन के मुताबिक 15 मार्च को वह रोडवेज बस से लखनऊ से मेरठ रवाना हुए। तिलहर थाना क्षेत्र में हाईवे पर एक ढाबे पर बस रुकी, जहां उन्होंने खाना खाया। इसके बाद शाम 7:18 बजे पत्नी दीप्ति भदौरिया को कॉल करके बताया कि वह साढ़े तीन बजे तक घर पहुंच जाएंगे। कुछ समय बाद पत्नी ने लोकेशन जानने के लिए उन्हें फोन किया तो मोबाइल स्विच ऑफ मिला। काफी कोशिश के बाद भी संपर्क न होने पर परिजन उन्हें खोजने निकल पड़े। कटरा और तिलहर पुलिस ने एक-दूसरे के क्षेत्र का मामला बताकर टरका दिया। बृहस्पतिवार को परिवार एसपी से मिला तो उन्होंने तिलहर पुलिस को कार्रवाई के आदेश दिए। इसके बाद व्यापारी की अंतिम लोकेशन निकलवाई गई तो वह कटरा में मिली। इस पर तिलहर पुलिस ने फिर कटरा जाने को कह दिया। परिजन कटरा पहुंचे तो कटरा पुलिस ने मेरठ में गुमशुदगी दर्ज कराने की बात कहकर टरका दिया। व्यापारी के भाई नरेंद्र भदौरिया के मुताबिक ओमवीर हाथ में सोने का कड़ा, कई अंगूठियां और गले में सोने की मोटी चेन पहने थे, जिसकी कीमत करीब दो लाख है।
अपहृत शरद का अब तक पता नहीं लगा पाई कटरा पुलिस
28 जनवरी को लापता शरद के बदले दो बार फिरौती का पत्र आने के बाद कटरा पुलिस आज तक उसका पता नहीं लगा सकी। पहले तो पुलिस ने शरद को मानसिक मंदित बताया लेकिन मामला सुर्खियों में आया तो हवा में हाथ-पांव मारे, फिर भी शरद का सुराग नहीं लगा सकी।
दोनों नंबर सर्विलांस पर लगवा दिए हैं। तिलहर में रिपोर्ट दर्ज करने के लिए डाक भेजी गई है। डाक पहुंचने पर तिलहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कर ली जाएगी। - अपर्णा गौतम, एएसपी देहात