रेती रोड स्थित लोकेश्वर नाथ मंदिर पर श्रीमद्भागवत कथा सुनते श्रद्धालु। स्रोत : आयोजक
शाहजहांपुर। रेती रोड स्थित लोकेश्वर नाथ मंदिर पर श्रीमद्भागवत कथा में सोमवार को व्यास आलोक महाराज ने कहा कि माया और लक्ष्मी भगवान के साथ रहते है।
जीव भगवान को प्राप्त करने की दौड़ लगता है परंतु माया का जंजाल बीच में ही रोक लेता है। जो सच्चे साधक होते हैं, वह भक्ति के दृढ़ संकल्प को लेकर माया से परे परमात्मा से मिलते है। उन्होंने श्री रुक्मिणी मंगल के प्रसंग को सुनाया। बताया कि भगवती रुक्मिणी ने ब्राह्मण से द्वारकाधीश कन्हैया का गुणानुवाद सुनकर ही मनसा वाचा कर्मणा अपना पति मान लिया और मंदिर में पूजन करते हुए श्री कृष्ण को अपना लिया।
इस दौरान यजमान रामकंठ मिश्र, रवींद्र पाल, संतोष पाल, सतीश अवस्थी, रोली अवस्थी, अव्यम शुक्ला, पुष्पलता आदि मौजूद रहे। संवाद