शाहजहांपुर में सद्भावना मंच जमीयत उलेमा ने बुधवार को मोहल्ला झंडा कलां में 'साझा विरासत' विषय पर सेमिनार आयोजित किया। शहीद अशफाक उल्ला खां के प्रपौत्र अशफाक उल्ला खां ने कहा कि साझा विरासत बचाना सभी की जिम्मेदारी है।
शाहजहांपुर में शहीद अशफाक उल्ला खां के प्रपौत्र अशफाक उल्ला खां ने कहा कि साझा विरासत को बचाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। अमर शहीद पंडित रामप्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह और अशफाक उल्ला खां की दोस्ती साझी विरासत की अनमोल मिसाल है।
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अशफाक उल्ला खां बुधवार को सद्भावना मंच जमीयत उलेमा की जिला इकाई की ओर से मोहल्ला झंडा कलां स्थित स्कूल में आयोजित स्वतंत्रता आंदोलन में देशवासियों का बलिदान : हमारी साझा विरासत विषयक सेमिनार में विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शहीदों की गाथाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे।
सेमिनार के संयोजक प्रो. सैय्यद मोहम्मद नोमान ने कहा कि साझा विरासत को नई नस्ल तक पहुंचाना सभी की जिम्मेदारी है। मौलाना असजाद और इमरान कासमी ने सद्भावना मंच की आवश्यकता और उसके उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।
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कार्यक्रम में सैयद रिजवान, डॉ. इफ्जालुर रहमान, डॉ. विकास खुराना, मौलाना अजीमुद्दीन कासमी, मुफ्ती असम अजीम, डॉ. दिवेश त्रिपाठी, मुफ्ती इकरामुल्लाह और उत्पल यादव ने भी विचार रखे। इस मौके पर फजलुर रहमान, मुफ्ती अनस हाजी फरीद, कारी अरमान, कारी असमशूद और पूर्व प्रधानाचार्य शाकिर अली खां समेत अन्य लोग मौजूद रहे।