बहगुन नदी के किनारे जलाई चिता
बाद में पुलिस से बचने के लिए उसके शव को कार से जैतीपुर क्षेत्र के मढ़िया घाट पर बहगुल नदी के किनारे ले जाकर अंतिम संस्कार कर दिया था। हत्या की आरोपी विवाहिता की मां बेबी आठ माह की दुधमुंही बेटी को भी अपने साथ लेकर जेल गई है। घटना में कार चलाकर सहयोग करने वाले बाल अपचारी को न्यायालय के आदेश पर शाहजहांपुर के बाल सुधार गृह भेजा गया है, जबकि अन्य तीनों आरोपियों को न्यायालय से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
चिता से मिली दो जोड़ी बिछिया
सीओ तिलहर ज्योति यादव ने बताया कि फॉरेंसिक विभाग की टीम ने छाया देवी की चिता से राख और जली अस्थियों के सैंपल लिए हैं। चिता से चांदी की दो जोड़ी बिछिया भी मिली हैं। चिता की राख और हड्डियों को डीएनए जांच के लिए लखनऊ प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। डीएनए जांच रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।