शाहजहांपुर। होली का रंग बाजार पर चढ़ने लगा है। कचरी, पापड़, गुजिया और नमकीन की दुकानों पर भीड़ देखने को मिल रही है। रंग, गुलाल और पिचकारियों की दुकानें भी सजने लगी हैं। कपड़ा और हैंडलूम बाजार भी गुलजार है।
सदर बाजार, बहादुरगंज, चौक, जलालनगर समेत सभी बाजारों में होली के रंगों की तरह रंग-बिरंगे पापड़ और कचरी लोगों को आकर्षित कर रही है। दुकानदार उमाशंकर ने बताया कि साबूदाना और आलू मिस्क पापड़, चिप्स की कीमत 200 से 300 रुपये प्रति किग्रा है। मैदा से बने पापड़ की कीमत 100 रुपये के अंदर ही है। वहीं पैकेट बंद पापड़ भी उपलब्ध हैं, जो कंपनियों से तय रेट पर उपलब्ध हैं। इनकी भी खूब मांग है।
नमकीन विक्रेता सुबोध रावत ने बताया कि बाजार में दुकानों पर मखाने, मूंगफली मिक्स नमकीन उपलब्ध है। पापड़ी, लहसुन वाली नमकीन खूब पसंद की जा रही है। इसके साथ ही बेसन की सेम की भी काफी मांग है। होली को ध्यान में रखकर बाजार में नमकीन-बिस्कुट की तमाम दुकानें लगी हैं। उनके पास 260 रुपये से 400 रुपये किलो तक की नमकीन है। बिस्कुट भी 40 से लेकर 150 रुपये पैकेट तक हैं।
किराना व्यापारी प्रमोद गुप्ता बताते हैं कि होली पर घरों में पकवान बनते हैं, इसलिए घी, तेल, चीनी आदि की खूब बिक्री हो रही है। मेहमानों के स्वागत के लिए सौंफ, इलायची, मिश्री, किशमिश भी लोग खरीदकर ले जा रहे हैं।
वातावरण में फैल रही गुझिया की महक
सुबोध बताते हैं कि वह कानपुर से मावा मंगाकर गुझिया तैयार कराते हैं। गुझिया चार सौ रुपये प्रति किग्रा बिक रही हैं। सुभाष व नन्हे ने बताया कि 350 रुपये में भी गुझिया बिक रही है। इनमें मावा स्थानीय उपयोग होता है।
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बम से उड़ेगा गुलाल, पिचकारी से रंग के साथ निकलेगा संगीत
रंग-गुलाल और पिचकारी की दुकानों पर कई नए आइटम आए हैं। रंग और गुलाल बरसाने वाली आतिशबाजी भी बाजार में मौजूद है। इनमें सात राउंड का स्काई शॉट, कलर एंड गुलाल पटाखा खास हैं। इसके अलावा कलर कैप्सूल की भी भरमार है। हॉर्न पिचकारी, कार्टून पिचकारी, पीठ पर लादने वाली बैग पिचकारी बच्चों की खास पसंद बनी हुई हैं। दुकानदार कौशल गुप्ता व अरुण शुक्ला ने बताया कि पिचकारी 20 रुपये से 1500 रुपये तक की है। ब्रांडेड रंग और गुलाल 30 रुपये पैकेट से 100 रुपये तक का है। स्किन फ्रेंडली रंगोंं की खूब मांग है। बच्चों को गुलाल बम और म्यूजिकल पिचकारी खूब भा रही हैं।
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लड़कियों की पसंद नागरा, प्लाजो, लड़कों का भा रही जींस, टी-शर्ट
- होली पर नए कपड़े पहनने की परंपरा है। रंग खेलने के बाद नए कपड़े पहनकर मित्रों, प्रियजनों के घर जाकर होली मिली जाती है। बाजार में रेडीमेड कपड़ों और साड़ियों की बड़ी रेंज आई है। दुकानदार अखिल ने बताया कि रागरा, प्लाजो, कैपटॉप, लहंगा, जींस, वैलवॉटम, शर्ट और टी-शर्ट की कई वैरायटी आई हैं। लड़कियों को नागरा और प्लाजो और लड़कों को जींस, टी-शर्ट भा रही हैं। होली पर अच्छा कारोबार होने की उम्मीद है। हैंडलूम व्यापारी सलालुद्दीन ने बताया कि लोग चादरें और पायदान भी खूब खरीद रहे हैं।
शाहजहांपुर के कच्चे कटरा क्षेत्र में पिचकारी खरीदते बच्चे। संवाद
शाहजहांपुर के कच्चे कटरा क्षेत्र में पिचकारी खरीदते बच्चे। संवाद
शाहजहांपुर के कच्चे कटरा क्षेत्र में पिचकारी खरीदते बच्चे। संवाद
शाहजहांपुर के कच्चे कटरा क्षेत्र में पिचकारी खरीदते बच्चे। संवाद
शाहजहांपुर के कच्चे कटरा क्षेत्र में पिचकारी खरीदते बच्चे। संवाद
शाहजहांपुर के कच्चे कटरा क्षेत्र में पिचकारी खरीदते बच्चे। संवाद