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बाजार गुलजार.. सकारात्मक ऊर्जा का हुआ संचार

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शाहजहांपुर। लॉकडाउन के तीसरे चरण के पहले दिन जनपद को ग्रीन जोन के नाते मिली रियायतों से दुकानें खुलीं तो महानगर के बाजार गुलजार हो उठे। लॉकडाउन के कारण बाजारों से लेकर सड़कों तक छाई मायूसी खत्म होने के साथ उन सभी व्यापारियों ने राहत की सांस ली जिनकी गैर जरूरी श्रेणी की दुकानें पिछले 40 दिन से बंद थीं। हालांकि, लंबे अंतराल के बाद कई दुकानों पर ग्राहक कम पहुंचे। व्यापारी इस बात से खुश दिखे कि देर से सही, उन्हें कारोबार करने की छूट तो मिली। आने वाले दिनों में बिक्री भी बढ़ जाएगी। बाजार खुलने से बाहर निकले लोगों में उत्साह भी दिखा।
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महानगर में बहादुरगंज से लेकर केरुगंज, मंडी से लेकर चौक और गोविंदगंज से जलालनगर तक सुबह सात बजे से व्यापारियों ने दुकानों के शटर उठाकर झाड़पोंछ का काम शुरू कर दिया और काउंटर पर बैठकर बोहनी के लिए ग्राहकों का इंतजार करने लगे। खास यह रहा कि प्रशासन ने अलग-अलग ट्रेड की दुकानें खोलने के लिए अलग-अलग टाइम स्लाट तय किए, लेकिन कारोबार शुरू करने के उत्साह मेें तमाम दुकानदारों ने निर्धारित समय से पहले दुकानें खोल लीं और ग्राहकों से सामाजिक दूरी का पालन कराने के लिए दुकानों के आगे पेंट से गोले बना लिए।
सैलून में बाल कटाने के लिए जुटी भीड़
लॉकडाउन के कारण सवा माह में लोगों की दाढ़ी-बाल बनवाने का मौका नहीं मिला, वह सुबह ही सैलून की दुकानों पर पहुंच गए। कई जगह सामाजिक दूरी का पालन किया तो कुछ जगहों पर लोग बेपरवाह रहे। इधर, बाजार बंदी में तमाम लोगों के दुपहिया वाहन जवाब देने लगे थे। इसलिए आटो वर्कशॉप खुली तो वहां भी सुबह से लोग गाड़ियों की ओवरहॉलिंग कराने, हवा डलवाने पहुंचने लगे।
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मिठाई और ज्वेलरी की दुकानों पर पहुंचे खरीदार
मिठाई, बर्तन, ज्वेलरी, क्रॉकरी आदि की दुकानों पर भी तमाम लोग पहुंचे और खरीदारी की। बहादुरगंज मशीनरी मार्केट में जज साहब वाली गली से लेकर हॉटस्पॉट घोषित अंटा क्षेत्र तक लोहे की ग्रिल, फाटक आदि बनाने वाले कारीगर भी सुबह से अपने काम में तल्लीन हो गए।
इलेक्ट्रानिक्स दुकानों पर उम्मीद से कम लोग आए
घंटाघर से बहादुरगंज, सदर बाजार तक इलेक्ट्रिक एवं इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं की दुकानों पर भीड़ उम्मीद से कम रही, माना जा रहा था कि गर्मी के सीजन को देखते पंखे, कूलर आदि खूब बिकेंगे। घंटाघर पर बिजली सामान के विक्रेता प्रेमचंद्र रस्तोगी के अनुसार शुरुआती दो घंटे में बिक्री बहुत कम हुई और पंखे भी कम बिके क्योंकि आज के दौर में अधिकांश लोग आर्थिक संकट से घिरे हैं।
कॉपी-किताब और कपड़ा बाजार रहा ठंडा
नए शैक्षिक सत्र को देखते किताब और स्टेशनरी की दुकानों पर भी अपेक्षा के अनुसार लोग कम पहुंचे। यहीं नहीं जूते-चप्पल, कपड़ा, रेडीमेड कपड़ों की दुकानों पर खरीदार कम आए। बहादुरगंज के कपड़ा कारोबारी सुनील तुली का कहना है कि ईद मेें कुछ दिन बाकी हैं, ऐसे में कुछ दिन में बाजार एकाएक उछाल लेगा।
नहीं चलीं रोडवेज बसें, स्टेशन पर पसरा सन्नाटा
केंद्रीय गृह मंत्रालय से जारी गाइड लाइन के तहत लॉकडाउन के तीसरे चरण में ग्रीन जोन वाले जनपदों की सीमा के अंदर रोडवेज बसें चलाने की संस्तुति की गई थी। प्रदेश सरकार ने भी ग्रीन जोन में बस चलने की हरी झंडी दिखाई थी। इसे देखते परिवहन निगम के अधिकारियों ने जिले के अंदर और ग्रीन जोन में शामिल पड़ोसी जनपदों तक बसें चलाने को उनका सैनिटाइजेशन भी करा लिया था, लेकिन विभाग को इस बारे में न तो मुख्यालय से कोई आदेश मिला और न ही प्रशासन के स्तर से। नतीजे मेें रोडवेज बसेें खड़ी रहीं और स्टेशन परिसर में सन्नाटा पसरा रहा। रोडवेज के स्टेशन प्रबंधक संजीव निगम का कहना है कि विभाग के एमडी और प्रशासन से अनुमति मिल जाती तो भी सोमवार को बसेें चलाना संभव नहीं था। क्योंकि यात्रा के लिए सुबह से दोपहर बाद तक स्टेशन पर कोई यात्री नहीं पहुंचा। पूछताछ काउंटर भी कोई बसों के बारे में जानकारी लेने नहीं आया। स्टेशन प्रबंधक के अनुसार लोग कोरोना से इतना डरे हुए हैं कि संक्रमण से बचने को कहीं बाहर नहीं जाना चाहते।
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