गांवसभा भितिया श्याम निवासी राममूर्ति ने डीएम को लोकवाणी के माध्यम से भेजे पत्र में बताया कि उनकी पत्नी सुशीला देवी गांवसभा भितिया श्याम से प्रधान का चुनाव लड़ रही थीं। गांव के एक सपा नेता भी एक महिला को चुनाव लड़ा रहे थे। सपा नेता के कुछ कर्मचारियों से सांठगांठ कर कई लोगों के साथ मिलकर विपक्षी प्रत्याशी के मतदान अभिकर्ता को भड़का कर बूथ पर विवाद करा दिया और जबरिया वोट डालने लगे। विरोध करने पर उन्हें और उनके समर्थकों को बूथ से मारपीट कर भगा दिया गया। अधिकारियों ने भी कोई कार्रवाई नहीं की। एक अधिकारी तो सपा नेता का खुलकर साथ देते रहे।
उन लोगों को धमकी दी गई कि कहीं भी शिकायत करने पर झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया जाएगा और चुनाव हरा दिया जाएगा। प्रत्याशी के पति ने पुर्नमतदान कराए जाने की मांग की है। उधर, गांव में तमाम लोगों ने पुर्नमतदान की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान मुनीश कुमार, लालाराम, रामकृष्ण, अरविंद कुमार, अखिलेश कुमार, रामपाल, रमनपाल, रामप्रताप, रामनाथ, रामदीन, बालकराम, श्रीकृष्ण, मदनलाल, मनोज कुमार, सुरेशचंद्र, कुंवरपाल, राजीव कुमार, सोनपाल, शिवकुमार सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
मतदान के दौरान धांधली का आरोप
बंडा। गांव सिंहापुर पनई से प्रधान पद की प्रत्याशी शांति देवी वर्मा ने चुनाव आयोग को भेजे पत्र में बताया कि उनके गांव में मतदान के दौरान जमकर धांधली की गई। आरोप है कि दूसरे प्रत्याशी ने दूरदराज के कई गांवों से अपने रिश्तेदारों के वोट बनवा रखे थे। जिसकी शिकायत भी कई बार संबंधित अधिकारियों से की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने के कारण शनिवार को हुए मतदान के दौरान उनके गांव में जमकर धांधली की गई। उनके मतदान केंद्र पर नाबालिग बच्चों, विवाहित युवतियों के अलावा दूसरे गांव के लोगों ने जमकर मतदान किया। उन्होंने निर्वाचन आयोग और जिला निर्वाचन अधिकारी को पत्र भेजकर कर पुनर्मतदान कराने की मांग की है।