शाहजहांपुर। गर्रा और खन्नौत नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी के पास रहने वालों के दिल की धड़कनें भी बढ़ती जा रहीं हैं। कई लोगों ने अपनी गृहस्थी को दूसरी मंजिल पर शिफ्ट कर दिया है। कई लोग मकान खाली कर रिश्तेदार या पुश्तैनी मकानों में जाकर रहने लगे हैं। प्रशासन ने भी लोगों से सुरक्षित स्थान पर पहुंचने की अपील की है।
गर्रा और खन्नौत नदियों का जलस्तर बढ़ने के बाद से ही आसपास रहने वाले लोग परेशान हैं। लोधीपुर क्षेत्र के कई मकान खन्नौत नदी के पानी से घिर गए हैं। लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। कई लोग अपने काम पर नहीं जा पा रहे हैं। वे अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
जिन लोगों के पास कोई दूसरा आश्रय नहीं है, वे लोग छतों पर या आश्रय स्थल पहुंच गए हैं। पिछले साल भी यही स्थिति बनी थी। पिछले साल जुलाई माह में आई बाढ़ ने लोगों का काफी नुकसान हुआ था। जिला व पुलिस प्रशासन की टीमें नदी के किनारे रहने वालों के पास पहुंचकर उनका हालचाल ले रहीं हैं।
हनुमतधाम की सीढ़ियों तक पहुंचा पानी
लगातार हो रही बारिश से जिले के कई इलाकों में पानी भर गया है। शहर के हनुमत धाम पर सीढ़ियों तक पानी आ गया है। अगर पानी थोड़ा और बढ़ा तो मंदिर में जा सकता है। हनुमत धाम के पीछे मोहल्ला ख्वाजा फिरोज में पानी सड़क तक आ गया है। साथ ही मोहल्ला हयातपुरा व हुसैनपुरा मोहल्ले में नदी किनारे रहने वालों के लिए खतरा बना हुआ है।
कटान को लेकर लगाई जा रहीं बोरियां
पिछले साल आई बाढ़ में ककरा काकरकुंड पुल पास कटान हो गया था। इस साल कटान को रोकने के लिए पत्थर डलवा दिए गए हैं। साथ ही बढ़ते जलस्तर को देखते हुए कटान को रोकने के लिए कंक्रीट भरी बोरियां भी लगाई जा रहीं हैं। बाढ़ के हालात जानने के लिए दिनभर आसपास कॉलोनी में रहने वालों की भीड़ जुट रही है।
जलस्तर
- गंगा : कछला घाट- 0.110 मीटर, जलस्तर बढ़ा
- गंगा : भैंसार ढाई घाट तटबंध- 0.020 मीटर, जलस्तर बढ़ा
- रामगंगा : डबरी घाट- 0. 680 मीटर, जलस्तर बढ़ा
- गर्रा : अजीजगंज पुल - 0.300 मीटर, जलस्तर बढ़ा
- खन्नौत : लोधीपुर पुल- 0.100 मीटर, जलस्तर घटा
कटान रोकने के लिए ककरा काकरकुंड पुल पास लगाई जा रहीं बोरियां। संवाद