शाहजहांपुर। नगर निगम में जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन करने वाले चक्कर लगाने को मजबूर हैं। निर्धारित समय निकलने के बाद भी उन्हें प्रमाणपत्र नहीं मिल पाया है। आरोप है कि कई आवेदकों की फाइलें ही गायब हो गई हैं। पटल के कर्मचारी उपस्थित नहीं मिलते, बाहरी लोगों व दलालों के सहारे काम चलता है।
चमकीन करबला निवासी आसिम ने अपने बेटे का जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए 14 जुलाई को जरूरी प्रपत्र संलग्न कर पटल के लिपिक को उपलब्ध कराए थे। आसिम बताते हैं कि उन्हें कोई रिसीविंग नहीं दी गई। कहा गया कि सत्यापन किया जाएगा, उसके बाद जन्म प्रमाण पत्र जारी हो जाएगा। एक सप्ताह तक कोई सत्यापन के लिए नहीं आने पर वह दोबारा पटल लिपिक के पास आए, लेकिन अब वह फाइल ही गायब होने की बात कह रहे हैं। इसी तरह से महमंद जलालनगर निवासी नसीमाबानो का निधन होने के बाद उनका मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की फाइल भी नहीं मिल रही है। मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर देने की जिम्मेदारी जिस व्यक्ति ने ली, वह भी पटल लिपिक के पास चक्कर लगा रहा है। चौभुर्जी निवासी रिंकू ने अपने बेटे का जन्मप्रमाण बनवाने के लिए एक महीने पहले आवेदन किया था। शनिवार को वह नगर निगम कार्यालय में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र पटल पहुंचे, लेकिन वहां पटल लिपिक मौजूद नहीं मिले। पटल पर मौजूद युवक से पूछने पर बताया कि वह कहीं गए हुुए हैं।
90 जन्म और 60 मृत्यु प्रमाणपत्र लंबित
नगर निगम कार्यालय के जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के पटल पर वर्तमान में 90 जन्म और 60 मृत्यु प्रमाणपत्र की फाइलें लंबित पड़ी हैं। आवेदनकर्ताओं द्वारा प्रमाण पत्र जारी किए जाने को लेकर जानकारी करने पर बार-बार टकरा दिया जाता है। नियमानुसार 30 दिनों के भीतर प्रमाण पत्र को जारी करना होता है, मगर अभी पुराने ही मामले अटके हुए हैं।
दाखिल-खारिज के काम में भी ढिलाई
जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के साथ ही संपत्ति के दाखिल-खारिज के कार्य में भी शिथिलता बरती जा रही है। बताया जाता है कि करीब 20-25 फाइलें लंबित चल रही हैं। दाखिल-खारिज कराने के लिए आवेदन करने वालों को चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
नगर निगम कर्मचारियों के पटलों में फेरबदल किया गया है। जनम अरमान की जगह सरताज और श्रीराम को जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने संबंधी कार्य सौंपा गया है। कर्मचारियों को फाइलें ढूंढने में समस्या आ रही हैं। लंबित फाइलों को शीघ्र निस्तारित कराया जाएगा। पटल पर बाहरी लोगों को बैठने की इजाजत नहीं है, इन पर रोक लगाई जाएगी। - डॉ. मनोज कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम शाहजहांपुर