एसएस कॉलेज में भरा बाढ़ का पानी। स्रोत : कॉलेज प्रबंधन
शाहजहांपुर। गर्रा नदी की बाढ़ ने एसएस कॉलेज को भी बड़ा नुकसान पहुंचाया है। काॅलेज के पुस्तकालय में रखीं हुईं सैकड़ों साल पुरानी पांडुलिपियां नष्ट हो गईं हैं। काॅलेज में भरे पानी से पुस्तकालय के साथ कंप्यूटर लैब, विभागों के रिकॉर्ड, ई-लर्निंग लाइब्रेरी, पाठ्य योजना संबंधी रिकॉर्ड तथा ग्राउंड फ्लोर पर बने विभागों में शिक्षा, गृह विज्ञान, चित्रकला विभाग के जरूरी कागजातों को नुकसान पहुंचा है।
सहायक पुस्तकालय प्रभारी मनोज अग्रवाल ने बताया कि इन पांडुलिपियों को एक मेज पर शीशा लगाकर रखा गया था, लेकिन पानी शीशे के अंदर तक प्रवेश कर गया। पांडुलिपियों में प्राचीन हस्तलिखित रामायण, महाभारत, महाभाष्य, वेद, स्मृतियों तथा पुराणों पर लिखी टीकाएं थीं। बृहस्पतिवार को ग्रीष्मकालीन छुट्टियों के बाद काॅलेज का पहला दिन था। दोपहर 12 बजे काॅलेज के पीछे के गेट से पानी भरना शुरू हुआ। इसके बाद काॅलेज की विद्युत आपूर्ति बंद कर दी गई।
स्टाफ तथा प्रवेश के लिए आए विद्यार्थियों को घर जाने के लिए कह दिया गया। कॉलेज के सचिव डाॅ. अवनीश मिश्रा ने बताया कि अभी इसका आकलन मुश्किल है कि नुकसान कितना हुआ है। महाविद्यालय अनिश्चितकाल के लिए बंद किया गया है। काॅलेज की बाहरी दीवार का एक हिस्सा भी गिर गया है। खेल विभाग में रखे महंगे उपकरणों के भी खराब होने की आशंका है।