शाहजहांपुर। विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट आशीष वर्मा ने करीब 19 वर्ष पुराने दुष्कर्म के मामले में दोषी राजू खां को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर कुल 52 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। एक सह-अभियुक्त को वारदात की तिथि पर किशोर अपचारी पाते हुए, उसकी पत्रावली विचारण के लिए किशोर न्यायालय प्रेषित की गई है।
मामला थाना सिंधौली क्षेत्र का है। सात अगस्त 2007 को पीड़िता घास काटने खेत पर गई थी। आरोप था कि इसी दौरान राजू खां और एक नाबालिग उसे जबरन पकड़कर खेत में ले गए और उसके मुंह पर कपड़ा ठूंस दिया। उसके साथ दुष्कर्म किया। विरोध करने पर उन लोगों ने जान से मारने की धमकी दी थी।
घटना के संबंध में पीड़िता की तहरीर पर थाना सिंधौली में प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपपत्र अदालत भेजा। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से पीड़िता समेत सात गवाहों को परीक्षित कराया गया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें और साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद राजू खां को दुष्कर्म और धमकाने का दोषी पाया। उसे दस वर्ष के सश्रम कारावास और 52 हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अदालत ने दोनों सजाओं को साथ-साथ चलाने का आदेश दिया है। जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा। वहीं एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(v) के आरोप में संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया गया।