बचने के लिए भागे तो आरोपियों ने दौड़ाकर पकड़ा
बचने के लिए सुरेंद्र भागे लेकिन आरोपियों ने 10-15 मीटर तक दौड़ाकर पकड़ लिया। इसके बाद उन्हें गिराकर पीट-पीटकर मरणासन्न कर दिया। शोर सुनकर जब परिजन मौके पर पहुंचे तो आरोपी भाग गए। परिवार के लोग उन्हें सीएचसी लेकर पहुंचे, जहां से राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। यहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
एसपी सौरभ दीक्षित ने बताया कि प्राथमिक जांच में सामने आया है कि सुरेंद्र गांव में शराब की अवैध बिक्री का विरोध करता था। आरोपी पक्ष शराब की बिक्री का सरपरस्त था। इसी रंजिश में वारदात को अंजाम दिया गया है। आरोपियों की तलाश में टीमें गठित कर दी गईं हैं। कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। तहरीर मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
खाना खा रहे थे सुरेंद्र, परिवार में मचा कोहराम
जिस समय आरोपी ने सुरेंद्र को कॉल कर बुलाया तब वह खाना खा रहे थे। उन्हें आरोपियों की मंशा की भनक नहीं लगी और वह खाना छोड़कर बात करने चले गए। वहां आरोपियों ने उनकी हत्या कर दी। सुरेंद्र की मौत से पत्नी मंजू, बेटा नैतिक (13), अनमोल (10), भाई धनीराम, सोनपाल का रो-रोकर बुरा हाल है। बेटा नैतिक बिलखता हुआ बोला कि उसके पिता को धोखे से बुलाकर मारा गया।
मेडिकल कॉलेज में परिजनों ने किया हंगामा
सुरेंद्र की मौत की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। राजकीय मेडिकल कॉलेज के ट्रामा सेंटर में हंगामा करते हुए उन्होंने चौकी इंचार्ज को हटाने की मांग की। परिजनों का कहना था कि अवैध शराब की बिक्री के संबंध में सुरेंद्र ने पहले ही नगरिया चौकी में शिकायत की थी। यदि समय रहते कार्रवाई होती तो घटना को रोका जा सकता था। पुलिसकर्मियों ने किसी तरह उन्हें समझा-बुझाकर शांत किया।
मोबाइल नंबरों से निकाली आरोपियों की लोकेशन
पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाए हैं। लोकेशन निकलवाकर पुलिस टीमों को आरोपियों की तलाश में भेजा गया है। गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें गठित की गई हैं। एसओजी को भी आरोपियों की तलाश में लगाया गया है। एसपी ग्रामीण दीक्षा भंवरे अरुण और सीओ विदुष सक्सेना ने राजकीय मेडिकल कॉलेज में पहुंचकर जानकारी ली। पुलिस आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है।