डीएम शुभ्रा सक्सेना ने बच्चों में कुपोषण दूर करने के लिए गोद लिए गए गांवों के नोडल अफसरों से अब तक हुई प्रगति की रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने शनिवार को जिला स्तरीय पोषण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए संबंधित अधिकारियों को अति कुपोषित से सामान्य श्रेणी में लाए गए बच्चों का ब्योरा तीन दिन में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
डीएम ने अधिकारियों से कहा कि वे गोद लिए गांव में जाकर अपने सामने बच्चों का वजन चेक करें और अति कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य में हुए सुधार अथवा सुधार न होने की जो भी स्थिति हो, उसका अपनी रिपोर्ट में उल्लेख करें। साथ ही यह भी देखें कि कौन बच्चा गत माह किस श्रेणी में था। उन्होंने कहा कि अति कुपोषित बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने में अभिभावकों और कार्मिकों के स्तर से कहीं कोई कमी हो तो उसे भी दूर कराएं।
इस मौके पर डीएम ने उन सभी बच्चों को पोषण एवं पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराकर उनका इलाज कराने के निर्देश दिए जो देखरेख के बावजूद सामान्य श्रेणी में नहीं आ पा रहे हैं। उन्होंने बाल विकास परियोजना के जिला कार्यक्रम अधिकारी डीपी मिश्र को हॉट कुक योजना के बारे में शासन से मिले दिशा निर्देशों से अवगत कराने को कहा। बैठक में एडीएम वित्त एवं राजस्व पीके श्रीवास्तव, प्रभारी सीडीओ पीपी त्रिपाठी, एसडीएम सदर जयनाथ यादव आदि अधिकारी मौजूद रहे।