श्री दुर्गा पूजा कमेटी कालीबाड़ी मंदिर स्थापित मां दुर्गा के मंडप का दशमी को समापन हो गया। अंतिम दिन महिलाओं ने मां भगवती से सिंदूरोत्सव खेलकर पति और संतानों के लिए दीर्घायु की कामना की। बाद में शोभायात्रा निकालकर स्थापित प्रतिमाओं को खन्नौत नदी में विसर्जित कर दिया गया।
शुक्रवार को सुबह दशमी पूजन और सिंदूरोत्सव के बाद शोभायात्रा निकाली गई। बैंड बाजे और आकर्षक झांकियों के बीच निकाली गई शोभायात्रा देखने के लिए लोग सड़क के किनारे घंटों जुटे रहे। महामाई के दरबार में सुबह से महिलाओं और युवतियों का तांता लगा था। भक्त खासतौर पर बंगाली समुदाय के लोग अपनी आराध्य भगवती की पूजा अर्चना के लिए कतार में लगे थे। पुरोहित समीर बनर्जी, अखिलेश बनर्जी, हेमेंद्र तिवारी और लखन तिवारी ने विधिवत पूजा-अर्चना कराकर विसर्जन की तैयारियां कराईं। सिंदूरोत्वस में सुहागिनों ने मां भगवती से सिंदूर मांगकर अपनी मांग में भरा और एक-दूसरे से सिंदूर की होली भी खेली। पुरुषों और महिलाओं ने अबीर-गुलाल से होली खेलते हुए बैंड बाजे पर खूब नृत्य किया।
कड़ी सुरक्षा के बीच शोभायात्रा नगर का भ्रमण करते हुए खन्नौत नदी के तट पर पहुंची, जहां मां भगवती का शांति जल अनुष्ठान किया गया। मां भगवती के जय-जयकार को बीच श्रद्धालुओं ने आतिशबाजी का प्रदर्शन कर प्रसाद भी बांटा। व्यवस्था में समिति के अध्यक्ष हेमंत डे, सचिव उदय सोम, कार्यकारी अध्यक्ष रवि खंडेलवाल, आलोक सिंह, विजय सक्सेना, अतुल दीक्षित, सुनील देवनाथ, चिंटू सक्सेना, देवेंद्र सक्सेना, शैलेंद्र वाजपेयी, गोपाल दीक्षित, राहुल दीक्षित, संजय कंचन, कैलाश प्रजापति, रोहित कश्यप आदि का योगदान रहा।