शाहजहांपुर। मधुबाला शुक्ला ने देहदान कर मानवता की मिसाल पेश की है। मंगलवार को हुई उनकी मौत के बाद उनके पति संजीव कुमार शुक्ला व उनके बेटे शोभित शुक्ला ने उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए उनका पार्थिव शरीर स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के मानव शरीर रचना विभाग (एनॉटमी विभाग) में चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसांधान के उद्देश्य से समर्पित किया।
प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि मधुबाला शुक्ला का शरीर भावी चिकित्सकों की शिक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। मेडिकल विद्यार्थियों को मानव शरीर की विभिन्न संरचनाओं का प्रत्यक्ष एवं वैज्ञानिक अध्ययन करने में सहायता मिलेगी, जिससे उनके व्यावहारिक ज्ञान को बेहतर बनाने में योगदान मिलेगा।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सरोज कुमार, डॉ. अमित कुमार सक्सेना, आचार्य एवं विभागाध्यक्ष, मानव शरीर रचना विभाग के समन्यवय एवं सहयोग से यह मानव सेवा का कार्य सम्पन्न हुआ है। चिकित्सकों एवं मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों ने मधुबाला शुक्ला को श्रद्धांजलि अर्पित की। संवाद