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सत्ता का संग्राम: शाहजहांपुर में चुनावी मुद्दों को लेकर नेताओं के बीच बहस, जानिए किसने क्या कहा

Tue, 09 Apr 2024 06:18 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर

सार

रुहेलखंड और तराई के जनपद लखीमपुर खीरी के बाद अमर उजाला का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' मंगलवार को शाहजहांपुर में पहुंचा। यहां लोगों से सुबह चाय पर चुनावी चर्चा हुई। दोपहर में एसएस डिग्री कॉलेज में युवाओं से बातचीत की गई। शाम को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने चुनावी चर्चा की। इस दौरान तमाम मुद्दों को लेकर पक्ष-विपक्ष के लोगों में जमकर बहस हुई। 
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शाहजहांपुर में पक्ष-विपक्ष के नेताओं में हुई चुनावी बहस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अमर उजाला का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' मंगलवार को शाहजहांपुर में पहुंचा। खिरनीबाग स्थित जीआईसी क्रीड़ा मैदान में शाम करीब पांच बजे विभिन्न राजनीतिक दलों के लोग एकत्र हुए। जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष डीपीएस राठौर ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने हर वर्ग के लोगों को लाभ पहुंचाया है। सरकार ने बगैर गारंटी के रेहड़ी पटरी वालों को लोन देकर आत्मनिर्भर बनाया है। विदेशों में भारत की साख मजबूत हुई है। प्रदेश की योगी सरकार में कानून व्यवस्था दुरुस्त हुई है। डीपीएस राठौर ने कहा कि शाहजहांपुर में भी तमाम विकास कार्य हुए हैं। 

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कांग्रेस जिलाध्यक्ष रजनीश गुप्ता ने बेरोजगारी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जिले में पिछले दस सालों में एक भी बड़ा कल-कारखाना स्थापित नहीं हुआ है। आज हालत यह हो गई है कि मजदूर तो महीने में 15 हजार रुपये कमा रहा है लेकिन पढ़े-लिखे युवा चार-पांच हजार रुपये में नौकरी करने को मजबूर हैं। 

सपा के प्रदेश सचिव विजय सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार में नई फैक्टरी तो नहीं खुली लेकिन पुरानी बंद करने का काम जरूर हुआ है। कांग्रेस नेता तनवीर सफदर, गौरव त्रिपाठी, फुरकान कुरैशी, अनूप वर्मा, पूनम पांडेय ने भी सत्ता पक्ष की योजनाओं पर सवाल उठाए। भाजपा नेता अंशुल चौहान, वैभव खन्ना ने पार्टी का पक्ष रखा।
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शाहजहांपुर से कौन-कौन हैं प्रत्याशी 
आरक्षित लोकसभा सीट शाहजहांपुर से भाजपा ने एक बार फिर अरुण कुमार सागर को प्रत्याशी बनाया है। उन्होंने वर्ष 2019 में यहां से जीत हासिल की थी। सपा ने राजेश कश्यप पर भरोसा जताया है। बसपा ने पूर्व प्रधानाचार्य डीआर वर्मा को मैदान में उतारा है। अब तक हुए 17 लोकसभा चुनावों में कांग्रेस ने यहां सबसे ज्यादा नौ बार जीत हासिल की है। वहीं सपा ने दो बार जीत दर्ज की है। वर्ष 2014 में पहली बार भाजपा ने खाता खोला था। कृष्णाराज सांसद और बाद में केंद्रीय राज्यमंत्री भी बनीं।
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