मंडलायुक्त प्रमांशु ने बंडा ब्लॉक के गांव सिकरहना में लोहिया आवासों के आवंटन में गड़बड़ी की जांच अपने स्तर से कराने का निर्णय किया है। इसी मांग को लेकर करीब दो सप्ताह से आंदोलन कर रहे भाकियू (भानु गुट) के पदाधिकारियों से वार्ता करते हुए उन्होंने यही आश्वासन दिया। साथ ही फसली सर्वे में गड़बड़ी की शिकायत पर उन्होंने सभी एसडीएम को सर्वे की क्रॉस चेकिंग करने के निर्देश दिए।
भाकियू के कार्यकर्ताओं के आमरण अनशन शुरू होने के बाद प्रशासनिक अधिकारी हरकत में आ गए। बुधवार को भाकियू के मंडल महासचिव रमेश चंद्र गुप्ता ने जिलाध्यक्ष महेंद्र सिंह यादव, जिला महासचिव राशि राम वर्मा, संगठन मंत्री गगनदीप माटा आदि के साथ डीएम चैंबर में मंडलायुक्त से भेंट करके अपनी बात रखी।
भाकियू नेताओं ने कहा कि समस्याओं का निस्तारण करने के बजाय उच्चाधिकारियों को गुमराह करने वाली रिपोर्ट भेजी गईं। मंडल महासचिव ने कहा कि सिकरहना में आवासों जैसी गड़बड़ियां अन्य कई गावों में भी हुई, लेकिन तीन माह से लगातार ज्ञापन दिए जाने के बाद एसडीएम ने बमुश्किल दस दिन पहले सिकरहना जाकर अधूरी जांच की।
मंडलायुक्त ने आश्वस्त किया कि सिकरहना में आवास आवंटन को लेकर शिकायतों की अपने स्तर से जांच कराएंगे। उन्होंने भाकियू नेता रमेश गुप्ता से एसडीएम द्वारा की गई जांच रिपोर्ट की कॉपी भेजने को कहा। साथ ही डीएम शुभ्रा सक्सेना को ज्ञापन से संबंधित अन्य मांगों पर जल्द कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
तीसरे दिन जारी रहा आमरण अनशन
मंडलायुक्त से जांच और कार्यवाही का आश्वासन मिलने के बावजूद भाकियू के सदर तहसील अध्यक्ष रामनरेश यादव और श्रीपाल ने बुधवार को तीसरे दिन भी आमरण अनशन जारी रखा। उनके समर्थन में रामप्यारी, रिटायर्ड सूबेदार मेजर श्याम किशोर, संतोष सिंह, संजय मिश्रा, शेर सिंह आदि ने धरना देकर अनशनकारियों का मनोबल बढ़ाया।
आशा और सुदामा पर बिठाया पहरा
अपहृत बेटी की बरामदगी को लेकर बिजलीपुरा निवासी रिक्शा चालक अशोक भोजवाल की पत्नी आशा देवी करीब सवा दो साल से कलक्ट्रेट में सत्याग्रह पर डटी हैं। मंडलायुक्त के आने से पहले धरना स्थल पर कांट क्षेत्र के गांव मुनव्वरगंज निवासी जगत पाल की पत्नी सुदामा देवी भी पड़ोसी द्वारा रंजिशन मारपीट से परेशान होकर न्याय मांगने पहुंच गईं। दोनों महिलाओं को मंडलायुक्त से दूर रखने के लिए सीओ सिटी ने उन पर महिला पुलिस का कड़ा पहरा लगा दिया। एसआई सीमा सिंह महिला आरक्षी के साथ वहां कमिश्नर के मौजूद रहने तक डटी रहीं। बाद में सुदामा देवी एसपी के नाम प्रार्थना पत्र लेकर पुलिस कार्यालय रवाना हो गईं।
कमिश्नर ने बैवहा में चौपाल लगा कर सुनीं समस्याएं
मीरानपुर कटरा। कमिश्नर प्रमांशु कुमार ने लोहिया समग्र विकास गांव बैवहा में चौपाल लगाकर लोगों की समस्याएं सुनीं।
कमिश्नर शाम करीब चार बजे गांव बैवहा पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले गांव में बिजली सप्लाई के बारे में बारे जानकारी ली। ग्रामीणों के तीन चार घंटे बिजली मिलने की बात पर संबंधित अधिकारियों से सुधार की स्थिति जानी। गांव में आरईएस द्वारा बनवाई गई सड़क के टूट जाने पर जांच के आदेश दिए। शौचालय बने होने के बाद भी ग्रामीणों के खुले में शौच करने पर नाराजगी जताई। पूर्व माध्यमिक विद्यालय में बच्चों से मिड-डे मील, यूनिफार्म के बारे में पूछा। उनका शैक्षिक स्तर जानने को पहाडे़ भी सुने। इस मौके पर डीएम शुुभ्रा सक्सेना, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट वंदना त्रिवेदी, बीएसए राजेश वर्मा, एसडीएम पदम सिंह आदि मौजूद रहे।
आजादी, शहादत से जुड़े अभिलेख रखें सुरक्षित
शाहजहांपुर। मंडलायुक्त प्रभांशु कुमार ने बुधवार को कलक्ट्रेट के कार्यालयों समेत कोषागार के विभिन्न पटलों का निरीक्षण किया। अभिलेखागार में दशकों पुराने अभिलेखों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने संबधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि आजादी की लड़ाई में इस जिले की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आजादी से जुड़े अभिलेख नष्ट करने के बजाय उन्हें सुरक्षित रखें, भले ही वे सौ साल से ज्यादा पुराने हो चुके हों।
पुलिस टुकड़ी का गार्ड ऑफ ऑनर लेने के तुरंत बाद मंडलायुक्त ने जिला मजिस्ट्रेट कोर्ट जाकर वादों की पत्रावलियां देखीं। उन्होंने मुकदमों से संबंधित फाइलों के आदेश पर पीठासीन अधिकारियों को हस्ताक्षर करने के निर्देश दिए। सब रजिस्ट्रार कार्यालय के बाद न्यायिक और राजस्व रिकार्ड रूम चेक किया। पुराने दस्तावेजों का रखरखाव और बेहतर बनाने पर जोर देते हुए कमिश्नर ने कहा कि आजादी की लड़ाई में इस जिले का महत्वपूर्ण योगदान रहा, इसलिए जिले के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और स्वतंत्रता संग्राम से संबंधित सभी दस्तावेज सुरक्षित रखें।
बाद में डीएम सहित अन्य अधिकारियों के साथ बैठक करके आयुक्त ने राजस्व कार्यों की समीक्षा की। इस मौके पर उन्होंने पट्टे पर दी गई जमीनों पर पौधरोपण का सत्यापन करने, तहसील दिवसों में प्राप्त अवैध कब्जों की शिकायतों पर एसडीएम द्वारा कब्जा दिलाकर ऐसे मामले निस्तारित करने के साथ पहले और बाद की फोटोग्राफी कराकर कंप्यूटर में फीड कराने, कम वसूली करने वाले अमीनों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इस मौके पर एडीएम मुनेंद्र नाथ उपाध्याय व पीके श्रीवास्तव, सिटी मजिस्ट्रेट केके द्विवेदी, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट वंदना त्रिवेदी, एसडीएम आदि अधिकारी मौजूद रहे।