किसानों के हित की मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट में आठ दिन से क्रमिक अनशन पर डटे भारतीय किसान यूनियन (भानु गुट) के पदाधिकारियों से बुधवार को प्रभारी डीएम मुनेंद्रनाथ उपाध्याय ने वार्ता की। प्रभारी डीएम ने उन्हें सिकरहनिया गांव में लोहिया आवासों के आवंटन की जांच को विशेष टीम गठित करने का आश्वासन भी दिया। इसके बावजूद भाकियू नेताओं ने भूख हड़ताल जारी रखी और अन्य मांगें पूरी नहीं होने पर 23 मार्च से आमरण अनशन शुरू कर देने की चेतावनी दी।
भाकियू कार्यकर्ता कई मुद्दों को लेकर गत आठ दिन से कलक्ट्रेट में डेरा डाले हैं। भूख हड़ताल में शामिल सेहरामऊ दक्षिणी क्षेत्र की वृद्ध कार्यकर्ता रामप्यारी की दो दिन पहले हालत बिगड़ने पर भी प्रशासन ने मांगों पर कोई तवज्जोह नहीं दी। नाराज भाकियू के जिलाध्यक्ष महेंद्र पाल यादव और महासचिव राशिराम वर्मा ने मंगलवार को मथुरा की महापंचायत से लौटकर आंदोलन तेज करने की घोषणा की तो प्रशासन के कान खड़े हो गए। इसीलिए एडीएम उपाध्याय ने यूनियन के शिष्टमंडल से वार्ता की पहल की।
अन्य मांगों के संबंध में एडीएम से ठोस आश्वासन नहीं मिलने पर शिष्टमंडल में शामिल मंडल महासचिव रमेश चंद्र गुप्ता ने चेतावनी दी कि पुलिस उत्पीड़न से जुड़ी शिकायतों को अनदेखा किए जाने पर 23 मार्च को क्रमिक भूख हड़ताल आमरण अनशन में बदल दी जाएगी। इस दौरान रामप्यारी, राम सिंह, हरिओम, जसकरन, श्रीपाल, शिवाधार आदि भूख हड़ताल में शामिल रहे।