प्रदेश सरकार की किसान कर्जा माफी योजना के तहत जिले में पिछले वित्तीय वर्ष में 31 मार्च से पहले तक कृषि ऋण लेने वाले 1.15 लाख किसानों के एक लाख रुपये तक के कर्ज माफ होने हैं। योजना का लाभ उन्हीं किसानों को दिया जाएगा, जिन्होंने अपने आधार नंबर बैंक खातों से लिंक करा लिए हैं। डीएम नरेंद्र सिंह ने बताया कि जिले में करीब 60 प्रतिशत किसानों ने अभी तक आधार नंबर बैंक खातोें से संबद्ध नहीं कराए हैं। उन्होंने संबंधित किसानों से आग्रह किया है कि वे योजना का लाभ पाने के लिए तीन दिन के अंदर आधार नंबर बैंक खातोें से लिंक करा लें।
डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे लघु एवं सीमांत किसानों के उन्नयन और सतत विकास के लिए उन्हें ऋण माफी का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। इसके लिए किसानों को नजदीकी विकास खंडों और तहसीलों में लगाए जा रहे आधार कैंपों में जाने को प्रेेरित करें। उन्होंने कहा कि केवल उन्हीं किसानों के फसली ऋण माफ होंगे, जिन्होंने प्रदेश में अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और कोआपरेटिव बैंक से लोन लिए हैं। अर्बन कोआपरेटिव बैंक से लिया गया ऋण माफ नहीं होगा।
डीएम ने कहा कि अधिकारी शासनादेेश के अनुरूप ऐसे किसानों को भी ऋण मोचन योजना से लाभान्वित करें, जिन्होंने राजस्व विभाग द्वारा पट्टे पर दी गई जमीनों पर फसलें की हैं। उन्होंने किसानों को बैंक खातों में आधार नंबर के साथ मोेबाइल नंबर भी फीड कराने को प्रेरित करने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि कृषि विभाग को इस योजना का नोेडल विभाग बनाया गया र्है। इसलिए विभाग के अधिकारी किसानों को जागरूक करने के साथ उनके आधार कार्ड बनवाने और उन्हें उनके बैंक खातोें से लिंक कराने का अभियान चलाएं।
बैठक में जिला स्तर पर गठित समिति सदस्य/एडीएम वित्त एवं राजस्व सर्वेश कुमार, डीआरडीए के परियोजना निदेशक अजय प्रकाश, उप निदेशक कृषि प्रभाकर सिंह, जिला कृषि अधिकारी आनंद कुमार त्रिपाठी, लीड बैंक अधिकारी चंद्रशेखर जोशी, सहायक निदेशक सूचना केएल चौधरी, जिला उद्यान अधिकारी जयराम वर्मा, जिला गन्ना अधिकारी ब्रजेश कुमार पटेल आदि अधिकारी मौजूद रहे।