रोजाना नौ घंटे की नियमित बिजली कटौती के अलावा अब रात की दो घंटे की आपात कटौती से खासे परेशान हैं। इन दिनों बोर्ड और विश्वविद्यालय परीक्षाएं होने से रात आठ से दस बजे के बाद तक बिजली गुल रहने से छात्र-छात्राओं की पढ़ाई में बाधा पड़ रही है। बाजारों में भी दिन ढलने के बाद अंधेरा छाने से कारोबार पर बुरा असर पड़ रहा है।
पॉवर कारपोरेशन के लखनऊ सिस्टम कंट्रोल से जारी रोस्टरिंग शेड्यूल के मुताबिक सुबह, दोपहर और शाम के समय तीन पालियों में नौ घंटे की नियमित कटौती गत आठ माह से जारी है। इससे पहले, रात में नौ से 11 बजे तक कटौती होने पर तमाम व्यापार संगठनों, राजनीतिक दलों और सामाजिक संस्थाओं ने कड़ा विरोध कर विभागीय अफसरों के पुतले फूंके। सिस्टम कंट्रोल ने कटौती का नया कार्यक्रम लागू किया जो कि अभी तक प्रभावी नहीं है।
अब बीते दो दिन से रात में आठ बजे से इमर्जेंसी रोस्टरिंग होने लगी है। औसतन दो-ढाई घंटे तक आपात कटौती प्रभावी रहने से दिन ढलने के बाद शहर की चकाचौंध छिनने लगी है। इसका घरों से लेकर बाजारों तक विपरीत असर पड़ रहा है। बाजारों से ग्राहक भी घरों को जल्दी लौटने लगे जिससे विभिन्न व्यवसायों पर भी बुरा असर पड़ने लगा है।
दिन ढलने के बाद कम हो रहे ग्राहक
‘मौसम बदलने के साथ शाम को सड़कें लोगों से गुलजार होने लगी थीं, लेकिन अब बिजली कटौती का सिलसिला शुरू हो जाने से रात में ग्राहक भी अंधेरा होने के कारण घरों से निकलना पसंद नहीं कर रहे और इसका बिक्री पर साफ असर दिख रहा है।’
- वेदप्रकाश रावत, मिठाई एवं नमकीन विक्रेता
व्यापारियों के धैर्य की नहीं लें परीक्षा
‘हमारे संगठन ने समाज के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए रात में होने वाली बिजली कटौती का हमेशा विरोध किया है। पॉवर कारपोरेशन के अफसर व्यापारियों के धैर्य की परीक्षा लेने के बजाय रात की कटौती पर रोक लगाने को कदम उठाएं।’
- उमेश चंद्र पाठक, जिलाध्यक्ष, पश्चिमी व्यापार मंडल
यही हाल रहा तो फिर होगा आंदोलन
‘नियमित कटौती का वर्तमान में लागू कार्यक्रम हमारे संगठन के धरना-प्रदर्शन और उच्चस्तरीय वार्ताओं की देन है। रात में पॉवर कट का यही हाल रहा तो संगठन से जुड़े व्यापारी सड़कों पर उतरकर आंदोलन को मजबूर हो जाएंगे।’
- अनिल गुप्ता, व्यापारी नेता
परीक्षार्थियों के साथ हो रहा अन्याय
‘रात की कटौती से न केवल कारोबार को चोट पहुंच रही है, परीक्षा की तैयारी में जुटे विद्यार्थियों के साथ भी सरासर अन्याय हो रहा है। पॉवर कारपोरेशन के अधिकारियों ने रात की कटौती पर रोक नहीं लगाई तो प्रदर्शनों की झड़ी लगनी तय है।’- भूपेंद्र सिंह, टेंट व्यवसायी