शाहजहांपुर। संतान न होने पर तंत्र-मंत्र के चक्कर में महिला की पीटकर हत्या में उसके पति, ससुर और देवर को अपर सत्र न्यायाधीश कृष्णलीला यादव ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। हालांकि, अदालत ने साक्ष्य के अभाव में आरोपी बनाए गए तांत्रिक को बरी कर दिया।
पीलीभीत के बीसलपुर क्षेत्र के गांव मार निवासी मुनीश कुमार ने 28 फरवरी 2021 को पुवायां थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि उन्होंने अपनी बहन शारदा देवी की शादी 13 वर्ष पहले पुवायां के गांव कहमारा निवासी सर्वेश के साथ की थी। बहन के कोई संतान नहीं हुई। पति उसे शारीरिक व मानसिक यातना देता था। उसके पिता बटेश्वर और भाई दुर्वेश उसका साथ देते थे।
28 फरवरी को उसके ससुराल वालों ने फोन पर बताया कि शारदा की मृत्यु हो गई है। सूचना पर मुनीश कुमार सुबह मौके पर पहुंचे। उसने देखा कि शारदा के शरीर पर चोटों और जले के निशान थे। मुनीश के मुताबिक, किसी तांत्रिक के कहने पर सर्वेश, बटेश्वर और दुर्वेश ने उसकी बहन की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी।
अदालत ने सर्वेश, बटेश्वर और दुर्वेश को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। साक्ष्य के अभाव में तांत्रिक देवधर निवासी गांव सैजकला, थाना क्षेत्र पिसावां, सीतापुर को बरी कर दिया।