हत्या के बाद काट ले गए थे सिर
उन लोगों ने नेकराम पर फायरिंग की, लेकिन वह गन्ने के खेत में छिप गया। तीनों लोगों ने रेवती को इंजन के पास गिराकर गोली मार दी। इसके बाद रेवती का सिर काटकर बहगुल नदी की ओर चले गए थे। वादी की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने जांच की।
अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयान और सरकारी वकील के तर्कों को सुनने के बाद अदालत ने गयाराम, जवाहर और रामसहाय को दोषी माना। तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया। गयाराम और जवाहर को आर्म्स एक्ट के तहत पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। आरोपी हुलासी की मुकदमे के दौरान मौत हो गई थी।