शाहजहांपुर। नवम अपर सत्र न्यायाधीश चंद्रमोहन चतुर्वेदी ने अपहरण करने के एक मुकदमे में तीन दोषियों को आजीवन कारावास और दस-दस हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। दो आरोपियों की मौत मुकदमे के दौरान हो गई।
जलालाबाद क्षेत्र के गांव रामपुर वैन निवासी शिवराम ने 20 मार्च 2004 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया कि 18 मार्च को उनका पुत्र दिनेश मकान की बैठक में सो रहा था। तभी बदमाश पुलिस की वर्दी में आए और उसके पुत्र को जगाया। कहा कि उन्हें रास्ता बता दो। उसका बेटा चला गया। बदमाश उसके बेटे को साथ लेकर चले गए। इसके बाद से उसका बेटा लापता हो गया। तहरीर के आधार पर 20 मार्च 2004 को अज्ञात लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया।
प्रभारी निरीक्षक जलालाबाद सुरेश वीर सिंह ने मुखबिर की सूचना पर सात अप्रैल 2004 को गांव रघुनाथपुर व हथिनापुर के जंगल में बदमाशों से मुठभेड़ के बाद दिनेश को बरामद किया। गांव रघुनाथपुर निवासी रामऔतार और समैचीपुर निवासी जयदेव को गिरफ्तार किया गया। आरोपी सत्यपाल, रामलड़ैते, दिलशाद मौके से भाग गए। विवेचना के बाद इस मामले में रामऔतार, जयदेव, तिलहर क्षेत्र के गांव मगटोरा निवासी दिलशाद, मदारी उर्फ आशिक, रपड़ा मगसेरा गांव निवासी सत्यपाल के खिलाफ आरोप पत्र अदालत भेजा गया। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और साक्ष्य के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश ने मदारी उर्फ आशि, रामऔतार और सत्यपाल को दोषी पाते हुए उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। जयदेव, दिलशाद की मृत्यु मुकदमे के दौरान हो गई।