शाहजहांपुर। द्वितीय फास्ट ट्रैक कोर्ट के अपर सत्र न्यायाधीश नरेंद्र नाथ पांडेय ने दहेज के लिए हत्या के मुकदमे में दोषी पति को उम्रकैद की सजा सुनाई। दोषी पर सात हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार सदर बाजार थाना क्षेत्र के मोहल्ला बाडूजई प्रथम निवासी शांति देवी ने अपनी बेटी रेनू का विवाह जुलाई 2001 में मोहल्ला गदियाना निवासी सुनील कुमार सक्सेना से किया था। शादी में शांति देवी ने अपनी क्षमता से बढ़कर खर्च किया था। बावजूद शादी के बाद रेनू के ससुराल के लोग फ्रिज और बाइक की मांग कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर ससुराल के लोग उत्पीड़न करने लगे। 24 मार्च 2006 को उनकी बेटी रेनू को पति, सास और ससुर ने केरोसिन डालकर जलाने की कोशिश की। अगले दिन उसे पीटकर घर से निकाल दिया। तीन जून 2006 को जलालनगर निवासी एक व्यक्ति ने शांति देवी को सूचना दी कि उनकी बेटी को ससुराल वालों ने मार डाला है। इसके बाद उन्हें बेटी का शव पोस्टमार्टम हाउस पर मिला। शांति देवी के प्रार्थना पत्र पर न्यायालय ने 10 जुलाई 2006 को पुलिस को केस दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया। पुलिस ने सुनील, ससुर वेदराम, सास मुन्नीदेवी, देवर, ननद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। पुलिस ने जांच के बाद पति सुनील के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय भेजा। गवाहों के बयान और सरकारी वकील उमेश चंद्र अग्निहोत्री के तर्क सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने सुनील को दोषी माना। उसे उम्रकैद की सजा सुनाई।