शाहजहांपुर। द्वितीय फास्ट ट्रैक कोर्ट के अपर सत्र न्यायाधीश नरेंद्र नाथ पांडेय ने गैर इरादतन हत्या के मुकदमे में पिता और तीन बेटों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, खुदागंज क्षेत्र के गांव रामबाग, लक्ष्मीपुर निवासी लालाराम ने 12 अप्रैल 2017 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराकर बताया था कि उसके पिता बाबूराम, चाचा भगवानदास खेत में टमाटर तोड़ रहे थे तभी गेहूं चोरी की रंजिश में पीछे से आकर गांव के तेजराम, उसके बेटे लालता प्रसाद उर्फ माखन, ओमकार, रमेश ने पिता बाबूराम और चाचा भगवानदास को लाठी-डंडे से पीट दिया। पिटाई की वजह से पिता बाबूराम बेहोश होकर गिर गए। बाद में घायल बाबूराम की मृत्यु हो गई। पुलिस ने मुकदमा आईपीसी की धारा 304 में तरमीम कर दिया। 15 अप्रैल 2017 को देवहा नदी के पास लालता प्रसाद उर्फ माखन और रमेश को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। विवेचना के बाद पुलिस ने तेजराम, लालताप्रसाद, ओमकार और रमेश के खिलाफ आरोप पत्र अदालत भेजा। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और सरकारी वकील उमेश चंद्र अग्निहोत्री के तर्क सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने तेजराम, उसके तीन बेटे लालताप्रसाद, ओमकार और रमेश को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया। दोषियों को 30500-30500 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।