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Shahjahanpur News: व्यापारी मनीष कपूर के दोनों हत्यारों को उम्रकैद

Sun, 18 Feb 2024 01:51 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
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मनीष कपूर का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन
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शाहजहांपुर। प्रतिष्ठित टाइल्स कारोबारी मनीष कपूर हत्याकांड के दो दोषियों को सप्तम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार सिद्धू ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दो साल और करीब चार महीने में फैसला आने पर पीड़ित परिवार ने अदालत को धन्यवाद देते हुए संतुष्टि जताई।
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23 अक्तूबर 2021 की रात लगभग 9 बजे चौक कोतवाली क्षेत्र के बक्सरिया मोहल्ला निवासी मनीष कपूर अपने साथी दिनेश वर्मा के साथ केरूगंज में ओमी के होटल पर कुछ खाने-पीने गए थे। वहां पर पहले से मौजूद विसरात रोड निवासी रूबल यादव उर्फ आकाश यादव और तारीन बहादुरगंज निवासी मोहब्बत अली से किसी बात को लेकर मनीष की कहासुनी हो गई। इसके बाद रूबल ने तमंचा निकाल लिया। मोहब्बत अली के कहने पर उसने गोली चला दी, जो मनीष के सीने पर लगी। सूचना पर भाई रवि कपूर परिजनों के साथ मौके पर पहुंचे और मनीष को लेकर डॉ. वसीम के अस्पताल गए। यहां डॉक्टर न मिलने पर राजकीय मेडिकल कॉलेज लाए जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। वादी रवि कपूर की तहरीर पर चौक कोतवाली में रूबल यादव और मोहब्बत अली के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और सरकारी वकील भावशील शुक्ला के तर्क सुनने के बाद अपर सत्र एवं जिला न्यायाधीश ने रूबल और मोहब्बत अली को दोषी माना। दोनों को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया।



पहले किया था हवाई फायर

हत्याकांड के बाद रूबल और मोहब्बत अली स्कूटी पर बैठकर मौके से भाग गए थे। पकड़े जाने के डर से रातभर दोनों शहर के बाहर रहे। उनके पास रुपये नहीं थे। अगले दिन सुबह करीब छह बजे दोनों रूबल के घर रुपये लेने पहुंचे, तभी हनुमत धाम के पास नए पुल पर उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से पुलिस ने तमंचा और कारतूस बरामद किया था। पूछताछ में रूबल ने बताया कि घटना की रात वह लोग होटल में बैठकर शराब पी रहे थे। रात में करीब नौ बजे दोनों होटल से बाहर निकल रहे थे, तभी उसे वहां मौजूद व्यवसायी मनीष कपूर और दिनेश ने टोक दिया। इसी बात पर दोनों के बीच विवाद होने लगा। विवाद बढ़ने पर रूबल ने तमंचा निकाल लिया और डराने के लिए हवाई फायर किया। इसके बाद वे स्कूटी पर बैठकर जाने लगे तभी मनीष ने उन्हें पकड़ने का प्रयास किया। उसे पीछे आता देख मोहब्बत अली चिल्लाया कि गोली मार दो, वरना पकड़े जाएंगे। इसके बाद रूबल ने तमंचा निकालकर मनीष को गोली मार दी।
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अदालत ने इंसाफ किया : रवि वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के करीबी लोगों में मनीष कपूर माने जाते थे। वारदात के बाद रात करीब 12 बजे मंत्री सुरेश खन्ना राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचे थे और हत्यारों को जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश दिए थे। शनिवार को फैसला आने के बाद वादी भाई रवि कपूर ने बताया कि अदालत ने आज इंसाफ किया है। दोषियों को तीन साल के अंदर सजा मिली है। वह फैसले से संतुष्ट हैं।

मनीष कपूर का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन

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