शाहजहांपुर। विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) अपर सत्र न्यायाधीश रश्मि नंदा ने दुष्कर्म के एक मुकदमे में अभियुक्त सर्वेश उर्फ सुरेंद्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता राजीव अवस्थी ने बताया कि रोजा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 16 मार्च 2018 को मुकदमा दर्ज कराया कि वह मजदूरी करने गया था। घर पर उसकी पत्नी व बच्चे अकेले थे। शाम को करीब आठ बजे उसकी 16 वर्षीय पुत्री खेत पर शौच के लिए गई थी।
इस बीच गांव के एक व्यक्ति का रिश्तेदार सुरेंद्र निवासी मोहल्ला बिरियागंज थाना तिलहर ने बेटी के साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए आरोप पत्र दाखिल किया। एसपी एस आनंद ने पूरे मामले की खुद ही मॉनीटरिंग की। पुलिस मॉनीटरिंग सेल के प्रभारी निरीक्षक को प्रभावी पैरवी के निर्देश दिए। केस में न्यायालय ने सजा सुनाते हुए अभियुक्त सर्वेश को 20 वर्ष का कारावास व 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। संवाद
बंदूक से गोली मारकर घायल करनेवाले को सात वर्ष का कारावास
शाहजहांपुर। चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश प्रीति सिंह ने हत्या के प्रयास के एक मुकदमे में दोषी को सात वर्ष का कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 32,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। दूसरे आरोपी को जेल में काटी अवधि की सजा व दो हजार रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया है। कोर्ट ने जुर्माने की राशि जमा करने के बाद 50 प्रतिशत धनराशि चोटिल अरुण कुमार को दिलाने का आदेश दिया है।
सरकारी वकील भावशील शुक्ला ने बताया कि कांट थाना क्षेत्र के गांव नगला जाजू निवासी धमेंद्र ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 11 अक्टूबर 2014 को रंजिश के कारण शाम 7 बजे उसके पिता अरुण कुमार मजदूर लेने गए थे। तभी गली में गांव के सुरेंद्र उर्फ गुड्डू व सुरेंद्र गाली-गलौज करने लगा। विरोध करने पर सुरेंद्र उर्फ गुड्डू पुत्र कैलाश नारायण ने बंदूक से गोली मार दी, जिससे उसका पिता घायल होकर गिर गया। वादी की तहरीर के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में भेजा गया।
अदालत ने सरकारी वकील द्वारा प्रस्तुत आठ गवाहों के बयान सुनने व बचाव पक्ष के तर्कों के आधार पर आरोपी सुरेंद्र उर्फ गुड्डू को हत्या का प्रयास करने का दोषी पाते हुए सात वर्ष का कारावास तथा 32,500 जुर्माने की सजा दी है। दूसरे आरोपी सुरेंद्र पुत्र साधू को 504 के अपराध में जेल में बिताई अवधि की सजा और दो हजार रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया गया है।