शाहजहांपुर। चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश आलोक कुमार शुक्ल ने नौ साल के बालक की दुष्कर्म के बाद हत्या करने के दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने 15 हजार रुपये का जुर्माना भी किया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार पुवायां क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले व्यक्ति ने चार जून 2003 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके नौ साल के बेटे को लगभग 12 दिन पूर्व महेंद्र उर्फ कालिया बहाने से अपने साथ ले गया था। उसने घर में जाकर बेटे से कहा था कि उसके पिता बाग में शहद निकाल रहे हैं, जबकि तब वह बाहर गए हुए थे। महेंद्र ने दुष्कर्म करने के बाद उनके बेटे की हत्या कर दी।
पिता के मुताबिक उनका महेंद्र से लेन-देन को लेकर विवाद हुआ था। इसकी रंजिश में उसने उनके बेटे की हत्या की। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयान और सरकारी वकील भावशील शुक्ला के तर्कों से सहमत होकर अपर सत्र न्यायाधीश ने महेंद्र को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया।