चांदपुर (शाहजहांपुर)। करीब डेढ़ महीने से पालतू पशुओं को निवाला बनाने वाला तेंदुआ रविवार की रात बकरी के शिकार के फेर में वन विभाग के पिंजरे में फंस गया। तेंदुए के कैद होने के बाद ग्रामीणों के साथ वन विभाग की टीम ने राहत की सांस ली। तेंदुए को चित्रकूट के जंगल में भेजा जाएगा।
क्षेत्र के बरगदिया, चांदपुर, कोल्हूगाढ़ा, चतुरपुर, केसरपुर, हरिहरपुर, महुआ, सहारू आदि गांवों में तेंदुए की पिछले डेढ़ महीने से चहलकदमी बनी हुई थी। अब तक 14 से अधिक पालतू पशुओं की जान ले चुका था। दहशत के चलते ग्रामीणों ने खेतों पर आना-जाना बंद कर दिया था। बच्चे भी घरों में कैद होकर रह गए थे।
तेंदुए के खौफ में गांव वाले रातें जागकर गुजार रहे थे। ग्रामीणों की मांग पर वन विभाग ने तेंदुआ पकड़ने के लिए तीन जगहों पर पिंजरे लगाए थे। चांदपुर में जंगल के किनारे स्थित बाग में लगे पिंजरे में बकरी बांधी गई थी।
बकरी को निवाला बनाने के फेर में तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया। वन दरोगा भगवान सिंह, प्रभात सिंह, वनरक्षक रामपाल सुबह साढ़े छह बजे पिंजरे को देखने के लिए पहुंचे तो तेंदुए को कैद पाकर रेंजर मनोज श्रीवास्तव को सूचना दी। रेंजर ने मौके पर आकर पिंजरे समेत ट्रैक्टर-ट्रॉली से मैलानी रेंज में तेंदुए को भेज दिया। इस बीच मौके पर लोगों की भीड़ लग गई।
चार-पांच साल का नर है तेंदुआ
रेंजर खुटार मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि चांदपुर में पिंजरे में कैद तेंदुए की उम्र करीब चार-पांच साल है। तेंदुआ नर है और वयस्क भी है। एसडीओ पुवायां डॉ. सुशील सिंह ने बताया कि उच्च अधिकारियों के निर्देश पर चांदपुर में पकड़े गए तेंदुए को चित्रकूट के जंगल में छोड़ा जाएगा।
चांदपुर में पिजड़े मै कैद तेंदुआ। संवाद