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चीता नहीं, दो बच्चों संग  छुपी है मादा तेंदुआ

Mon, 29 Aug 2016 11:46 PM IST
ब्यूरो/शाहजहांपुर
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तेंदुआ - फोटो : ANI
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निगोही के दिलावलपुर गांव की पुलिया पर बीती शुक्रवार को जिस भयानक जंगली जानवर को चीता बताते हुए ग्रामीणों ने हो-हल्ला मचाया था, वह दरअसल मादा तेंदुआ है और अपने दो बच्चों के साथ वहां गन्ने के खेतों में बारिश और जलप्लावन के मौसम में शरण लिए हुए है। इस तथ्य की तस्दीक मौके से लिए गए फुटप्रिंट्स और बाल के नमूने के परीक्षण के आधार पर वन विभाग ने की है। विभागीय टीम उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखे हुए है। दावा किया है कि मादा तेंदुए का तेवर आक्रामक नहीं, बल्कि सुरक्षात्मक है।
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बता दें कि बीते शुक्रवार की रात उक्त गांव की पुलिया से रात को घर लौट रहे ग्रामीणों ने तेंदुए को बैठा देखकर चीता के इलाके में आने की बात कही। उसके बाद भयभीत ग्रामीण अपने परिवारों की सुरक्षा के लिए ट्रैक्टर की हेडलाइट्स जलाते हुए एवं शोर मचाते हुए पुलिया की ओर गए तो मादा तेंदुआ धान के खेतों से होकर सघन गन्ने के खेत में घुसकर गायब हो गई। सूचना पाकर शनिवार की सुबह वन विभाग के पुवायां और तिलहर से रेंजर मौके पर पहुंचे एवं पुलिया के पास से लेकर खेतों में मिले पैरों के निशानों के विभिन्न कोणों से फोटो खींचे और मौके पर पड़े मिले बाल के नमूने भी लिए। उन सभी का शाहजहांपुर स्थित विभागीय कार्यालय में विशेषज्ञों से परीक्षण कराए जाने पर पाया गया कि देखा गया तेंदुआ नर नहीं, बल्कि मादा है और बच्चों के साथ है, जिनकी उम्र करीब डेढ़ वर्ष होगी। उसके बाद से विभाग की ओर से गांव वालों को लगातार इस बारे में समझाया जा रहा है कि वे आतंकित ना हों। तेंदुआ अपने बच्चों संग सुरक्षित जंगल वापसी की तैयारी में है और उसकी पुष्टि होते ही अवगत करा दिया जाएगा।
नर तेंदुआ अपने बच्चों को खा जाता है और उसी से अपने बच्चों को बचाए रखने के लिए करीब डेढ़ से दो साल की उम्र तक के बच्चों को मादा तेंदुआ अपने गहन संरक्षण में रखती है। निगोही वाले केस में भी वही है। जंगल में बारिश और जलप्लावन की स्थिति बनने पर वह बाहर सुरक्षित ठौर पर बच्चों को लेकर निकली है। यहां उसे सघन गन्ने के खेत महफूज लगे तो उसी में शरण ली। मौसम सुधरने पर जलस्तर के घटने के इंतजार में वह करीब पांच दिनों से सुरक्षित जंगल वापसी की तैयारी में है। उससे कोई खतरा नहीं है। उस पर लगातार नजर रखी जा रही है। 
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- एनके सिंह, जिला वन अधिकारी
खुटार में बाघिन से अलर्ट जारी
खुटार से सटे लखीमपुर खीरी के मैलानी इलाके में छुपी बाघिन खुटार के गांवों की सीमा इस समय करीब 15 किमी की दूरी पर है। उस पर दोनों जिलों की विभागीय टीमें नजर रखे हुए हैं। खुटार में बाघिन के संभावित भ्रमण वाले इलाकों में ऐहतियातन अलर्ट रखा गया है। जिला वन अधिकारी एनके सिंह के अनुसार, बाघिन के हलचल संबंधी लगातार फालोअप रखा जा रहा है।
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