चांदपुर। खुटार वन रेंज के कई गांवों में आतंक का पर्याय बना तेंदुआ बृहस्पतिवार को गांव के बालाजी मंदिर में लगे सीसी कैमरे में कैद हो गया। हालांकि, उसे पकड़ने के लिए अलग-अलग स्थानों पर लगाए गए वन विभाग के दोनों पिंजरे शुक्रवार को भी खाली रहे। उसकी लोकेशन जांचने के लिए लगाए गए कैमरों में भी अब तक तेंदुआ नजर नहीं आया।
इलाके में पिछले सवा माह में तेंदुआ एक दर्जन से अधिक पालतू पशुओं को मार चुका है। गांव में आबादी के पास तेंदुए की चहलकदमी से ग्रामीण भयभीत हैं। बृहस्पतिवार की रात 11:10 बजे मैलानी मार्ग पर स्थित बालाजी मंदिर के बाहर लगे सीसी कैमरे में तेंदुआ सड़क पार करते हुए दिखाई दिया। चूंकि, आबादी के बीच बने मंदिर में सुबह से दिन ढले तक श्रद्धालुओं का आना-जाना बना रहता है। इसलिए उसके रिहायशी इलाके तक पहुंचने से ग्रामीण दहशत में हैं।
शुक्रवार को सुबह मंदिर में पूजा करने गए श्रद्धालुओं ने काफी सतर्कता बरती। तेंदुए के आतंक के कारण ग्रामीणों को खेतों और घरों के आसपास की झाड़ियां भी डरा रही हैं। दिन में फसलों की देखभाल के लिए किसान समूह बनाकर और लाठी-डंडों से लैस होकर खेतों की ओर जा रहे हैं, लेकिन रात होने पर खेतों की ओर कोई नहीं जा रहा है। ग्रामीणाें का कहना है कि क्षेत्र में तेंदुए के घूमने का सुबूत मिलने के बाद वन विभाग उसे जल्द पकड़े, अन्यथा वह किसी इंसान की जान ले लेगा।