शासन स्तर पर लंबित छह सूत्री मांगों को लेकर उप्र लेखपाल संघ के प्रांतीय आह्वान पर जिले के लेखपालों ने मंगलवार से कार्य बहिष्कार करके हड़ताल शुरू कर दी। लेखपालोें ने कलक्ट्रेट पर धरना दिया और सभा करके मांगों पर सरकार के अड़ियल रवैये की भर्त्सना की। लेखपालों की हड़ताल के कारण राजस्व विभाग के तमाम कार्यों में अवरोध पैदा हो गया। इस कारण तहसील में विभिन्न कामों से आए तमाम लोगों को बैरंग होना पड़ा।
बता दें कि लेखपाल संघ के प्रदेश पदाधिकारी गत एक वर्ष से एसीपी विसंगतियां दूर किए जाने, पद नाम बदलकर राजस्व उप निरीक्षक किए जाने, लेखपाल कैडर पूर्ववत जिला स्तरीय किए जाने, पांच लेखपालों पर एक राजस्व निरीक्षक की संवर्ग से प्रोन्नति किए जाने, ई-डिस्ट्रिक्ट योजना के लिए लैपटॉप दिए जाने और एक अप्रैल 2005 से पहले नियुक्त लेखपालों को पुररानी पेंशन योजना का लाभ दिए जाने आदि मांगों को लेकर शासन स्तर पर प्रयासशील हैं। इसके बावजूद मांग पत्र लंबित रखे जाने पर संघ के प्रांतीय नेतृत्व ने चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की।
आंदोलन के पहले चरण में लेखपालों ने तहसील स्तर पर धरना-प्रदर्शन किया, लेकिन सरकार और शासन स्तर से विरोध प्रदर्शन को अनदेखा किए जाने पर जिले के लेखपालों ने मंगलवार से कार्य बहिष्कार आरंभ कर दिया। जिले की विभिन्न तहसीलों के लेखपालों ने कलक्ट्रेट में इकट्ठा होकर धरना दिया। धरना में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल प्रांतीय संगठन मंत्री सुदेश चौधरी ने कहा कि लेखपालों की हड़ताल सरकार की कर्मचारी विरोधी मानसिकता का नतीजा है, लेकिन मांगों पर सरकार की उपेक्षा से लेखपाल विचलित नहीं हों।
जिलाध्यक्ष सर्वेश मिश्रा ने कहा कि हड़ताल से रोजाना जारी होने वाले करीब दो दर्जन आय, जाति, निवास आदि प्रमाण पत्र आवेदकों को नहीं मिल सके। इसके अलावा खसरा प्रपत्र की पड़ताल, राशन कार्ड का सत्यापन, जमीन की पैमाइश आदि कामों में ठहराव आ गया है। उन्होंने कहा कि इससे जनता को भले ही असुविधा हो रही हो, सरकार में बैठे लोगों पर कोई फक्र नहीं पड़ रहा।
इस मौके पर नेतृत्व के निर्देशानुसार 29 अगस्त तक कार्य बहिष्कार जारी रखने के साथ 30 अगस्त को लखनऊ चलकर प्रदेश स्तरीय आंदोलन सफल बनाने का संकल्प किया गया। धरना-प्रदर्शन में संघ की बरेली मंडल इकाई के खंड मंत्री नीरज राठौर, शिव सिंह कुशवाहा, राजीव कुमार, डॉ. इंदु भूषण पांडेय, उपेंद्र तिवारी, वेदराम, विवेक त्रिवेदी, अजय कुमार, राघवेंद्र सिंह, मनोज सक्सेना, विवेक चतुर्वेदी, राममूर्ति चंचल, अजय कुमार, उमेश प्रताप सिंह, रामनारायण मिश्र, राजेश वर्मा आदि शामिल रहे।
जलालाबाद में भी लेखपालों ने ठप रखे कार्य
जलालाबाद। छह सूत्रीय मांगों पर सुनवाई न होने से नाराज लेखपालों ने 23 से 29 अगस्त तक पूरी तरह कार्य बहिष्कार करने का निर्णय लेते हुए मंगलवार को कामकाज ठप रखा।
इस संबंध में लेखपाल संघ के तहसील संयोजक राघवेंद्र सिंह ने बताया कि यह कार्य बहिष्कार दिवस के दौरान लेखपाल जिला मुख्यालय पर होने वाले धरना प्रदर्शन में भाग लेंगे। इसके बाद 30 अगस्त को प्रदेश के सभी लेखपाल मांग पूरी न होने तक विधानसभा का घेराव करेंगे। उन्होंने समस्त लेखपालों से आंदोलन में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की है।