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Shahjahanpur News: घर की चिंता छोड़ जान बचाने के लिए जरूरी सामान लेकर निकल पड़े लोग

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ककरा में भरा गर्रा नदी का पानी​। संवाद
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शाहजहांपुर। बुधवार सुबह जब लोग घरों से बाहर निकले तो मकान टापू में बदल चुके थे। घबराए लोगों ने एक-दो बैग में जरूरी सामान भरा और बाहर निकलने की कोशिश करने लगे। जहां पानी कम था, वहां पर लोग निकल गए, जहां चारों तरफ बहुत ज्यादा पानी भरा हुआ था, ऐसी स्थिति में लोग बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। बाद में प्रशासन ने उन्हें निकाला। लोग थोड़ा-बहुत सामान बैग में लेकर निकल गए।
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लोधीपुर से लेकर दलेलगंज तक पानी से घिरे मकान

मंगलवार रात में लोधीपुर क्षेत्र की अधिकतर कॉलोनियां जलमग्न हो गईं। ऐसे में बुधवार सुबह से ही बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने के लिए प्रशासन के अलावा स्थानीय लोगों की टीम लग गईं। नावों की मदद से लोेगों को सुरक्षित बाढ़ के पानी से बाहर निकाला गया। लोधीपुर में सड़क पर पानी आने से प्रशासन ने जीआईसी तिराहा पर बड़े वाहनों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग लगा दी। दो पहिया वाहन पानी में फंसकर बंद हो गए तो कई लोग रास्ता बदलकर दूसरी तरफ से हथौड़ा चौराहा की तरफ गए। यही हाल इंदिरा नगर कॉलोनी और अक्षरधाम कॉलोनी का रहा। दोनों कॉलोनियां में पानी भर गया और उसमें लोग फंस गए। निरीक्षण पर निकले डीएम उमेश कुमार गौतम से स्थानीय नेताओं से बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने की बात की। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि नाव की मदद से लोगों को निकला जाए।
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ब्रज विहार कॉलोनी में भी भरा पानी, लोग कर रहे पलायन

ब्रज विहार कॉलोनी में रहने वाले लोगों के मुताबिक करीब 20 वर्ष बाद कॉलोनी में बाढ़ के पानी ने प्रवेश किया। ऐसे में कॉलोनी की हर गली डूब गई। लोगों के घरों में कमर से ऊपर तक पानी पहुंच गया। कुछ लोगों ने घरों की छत पर शरण ली। प्रशासन की ओर से भी नाव की मदद से लोगों को निकाला गया। ब्रज विहार से लेकर लोक विहार, चमकनी करबला, बिजलीपुरा तक पूरा क्षेत्र बाढ़ के पानी से प्रभावित रहा।।
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हनुमान धाम के पीछे भी काफी हालात खराब



हनुमतधाम के पीछे मोहल्ला लौका, ख्वाजा फिरोज, दलेलगंज, हयातपुर में लोगों के मकानों में पानी भर गया है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। प्रशासन के अधिकारी और स्थानीय पुलिस भी सेना के साथ लगी हुई है। राहत कार्य काफी तेजी से चल रहा है। हनुमत धाम को दर्शन के लिए बंद कर दिया है। इस क्षेत्र में लगातार सेना स्टीमर से निगरानी कर रही है।

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सुभाषनगर बाढ़ में फंसे ढाई सौ परिवारों को निकाला गया

गर्रा नदी का जलस्तर बढ़ने से बरुआ नाला होते हुए सुभाषनगर कॉलोनी में आलम की ठेकी के पास तक पानी घुस गया। करीब ढाई सौ मकान बाढ़ की चपेट में आ गए। पार्षद विनय सक्सेना उर्फ नवनीत ने नाव किराये पर ली और ट्रैैक्टर-ट्रॉली का इंतजाम किया। मकानों में फंसे लोगों को निकालने का काम शुरू किया। 200 से अधिक लोगों को नाव की मदद से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। बाढ़ पीड़ितों के लिए खाने की पैकेट की व्यवस्था भी कराई गई। बचपन स्कूल में कुछ परिवार रुके तो अधिकतर अपनी रिश्तेदारी में चले गए। कुछ लोग रखवाली के लिए अब भी घरों में ही रुके हुए हैं। ककराकलां में भी एफआरफ सेंटर के पास बनी कॉलोनी में पानी भर गया है। नगर निगम निर्माणाधीन भवन, चार्जजिंग सेंटर, मियावाकी उद्यान समेत पार्क बाढ़ की चपेट में आ गया है।



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प्रशासन की टीम लगातार कर रही निगरानी

डीएम उमेश प्रताप सिंह ने बाढ़ क्षेत्र का टीम के साथ निरीक्षण किया। संबंधित अधिकारियों को बाढ़ राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए डेढ़ बटालियन पीएसी बरेली से आ गई है। बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ की टीम भी पहुंच गई है। बुधवार को 2000 हजार से अधिक लोगों को रेस्क्यू करके बाढ़ क्षेत्र से निकाला गया है। आठ सौ लंच पैकेटों का वितरण किया जा चुका है। प्रशासन की ओर से तक्षशिला स्कूल, गन्ना शोध परिषद, अजीजगंज में शेल्टर होम बनाए गए हैं। प्रशासन ने बाढ़ क्षेत्रों में छह नाव लगाई हैं।
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इन मोहल्लों में भरा है पानी

वार्ड लोधीपुर, दलेलगंज, बृज विहार, सुभाषनगर, खिरनीबाग के मोहल्लों में भी बाढ़ का पानी घुस गया है। इनमें लोधीपुर, सरायकाइयां, इंदिरानगर कॉलोनी, विसरात, बृज बिहार काॅलोनी, चमकनी करबला, बिजलीपुरा, सुभाषनगर, अजीजगंज, रेती रोड पर लोक विहार, नई बस्ती रेती, ख्वाजाफिरोज में दो से पांच फुट तक पानी भरा है।
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प्रशासन से नहीं मिली राहत तो पार्षदों ने संभाला मोर्चा

शहर के वार्ड लोदीपुर, दलेलगंज, बृज विहार, सुभाषनगर के तमाम मोहल्लों में बाढ़ का पानी घुस गया। इन मोहल्लों में रहने वाले सैकड़ों परिवार प्रभावित रहे। यहां इन वार्डों के पार्षदों ने खुद मोर्चा संभाला। बृज विहार के पार्षद रामबरन सिंह ने बताया कि मंगलवार शाम पांच बजे ही बिजलीपुरा, चमकनी और बृज विहार में पानी पहुंच गया था। करीब 200 लोग फंस गए थे। उनको निकलवाने के लिए अपने संसाधन से नाव, ट्यूब आदि की व्यवस्था कराई। तमाम लोग अपने नाते-रिश्तेदारी में चले गए। जो नहीं गए उनके लिए खाने-पीने का इंतजाम किया गया। इसी तरह लोदीपुर के पार्षद रूपेश कुमार वर्मा अन्नू, दलेलगंज के पार्षद अनूप गुप्ता ने भी लोगों को घरों से निकालने, रहने और खाने की व्यवस्था कराई।

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बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के विद्यालयों तक बच्चों को पहुंचना हुआ मुश्किल

शाहजहांपुर। शहर के बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्थित बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों में बच्चों को पहुंचने में दिक्कत हुई। विद्यालयों का स्टाफ किसी तरह से पहुंचा। डीआईओएस व बीएसए ने बताया कि विद्यालयों की स्थिति से डीएम को अवगत कराया गया है। निजी विद्यालयों में सख्ती के चलते कुछ अभिभावकों ने किसी तरह से अपने बच्चों को भेज दिया, लेकिन बेसिक के स्कूलों में बच्चे नहीं पहुंचे। विद्यालय स्टाफ किसी तरह जरूर पहुंचा। बच्चे न होने के कारण शिक्षण कार्य नहीं हुआ।

खंड शिक्षा अधिकारी नगर नागेंद्र सिंह ने बताया कि मघई टोला, विसरात, अहमदपुर रेती, लोदीपुर, ख्वाजा फिरोज तथा अजीजगंज स्थित परिषदीय विद्यालयों तक जाने वाले मार्गों पर बाढ़ का पानी भरा है। विद्यालय परिसर में कहीं भी पानी नहीं पहुंचा, इसलिए क्षेत्रीय पार्षदों ने शेल्टर होम बनाने की मांग रखी है। बाढ़ का पानी कम होने तक विद्यालयों में बच्चों का पहुंचना मुश्किल है, जरूरत पड़ेगी तो स्टाफ को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा। संवाद

बाढ़ पीड़ितों ने बयां किया दर्द

मकानों में भरा पानी, खाने-पीने का सामान भी डूबा
कॉलोनी में किराये के मकान में रहते हैं। मकान में पानी भर गया है। सब सामान भीग गया है। परिवार के साथ अपने पैतृक आवास अल्हागंज जा रहे हैं। बाढ़ खत्म होने के बाद लौटेंगे।

- साधना, बृज विहार कॉलोनी
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रात में अचानक पानी कॉलोनी में आया और घर में घुस गया। देखते ही देखते सारा सामान डूबने लगा। खाने-पीने का सामान भी डूब गया। घर में सांप-कीड़े घुस गए हैं। मकान बंद कर परिवार के साथ रिश्तेदारी में जा रहे हैं।

- राधा, बृज विहार कॉलोनी
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बाढ़ आने से कॉलोनी में कभी पानी नहीं भरा। इस बार अचानक बाढ़ का पानी आने से घर में काफी नुकसान हो गया। बिस्तर, सामान और खाने-पीने की वस्तुएं डूब गईं। घर में खाने को नहीं बचा है। परिवार के साथ अपने गांव जा रहे हैं।



- नीता कश्यप, बृज विहार

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काॅलोनी में बाढ़ का पानी भरने के बाद भी विद्युत निगम ने बिजली नहीं काटी है। इसकी वजह से घर में करंट आ रहा है। फ्रिज, टीवी व अन्य सामान डूब गया है। बिजली काटी जाए तो सामान को निकालने की कोशिश करें।

- हैप्पी शुक्ला, बृज विहार
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चार दिन से घर में पानी भरा हुआ था। मंगलवार रात पानी कमर से ऊपर पहुंच गया। घर का सामान छत पर रख दिया है। खाने-पीने और बच्चों के लिए दूध तक नहीं मिल पा रहा है। घर छोड़कर कहीं रिश्तेदारी में रहकर पानी घटने का इंतजार करूंगी।



- नीता, लोधीपुर

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पूरे घर में पानी भर गया है। जरूरी सामान मकान की दूसरी मंजिल पर पहुंचा दिया है। घर में खाद्य सामग्री खत्म हो गई है। बिजली नहीं आने से दूध से लेकर अन्य खाद्य वस्तुएं खराब हो गई है। मजबूरी में मकान को छोड़ा है। पति मकान की सुरक्षा के लिए रुके हैं।



- पूनम देवी, सुभाषनगर

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किसी तरह से कुछ सामान तो लोगों की मदद से घर की छत पर पहुंचा दिया। परिवार के सदस्यों को रिश्तेदारी में भेज दिया है। पशुओं को किसी तरह से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। चारे का भी संकट है।
- पंकज सक्सेना, सुभाषनगर

ककरा में भरा गर्रा नदी का पानी। संवाद

ककरा में भरा गर्रा नदी का पानी। संवाद

ककरा में भरा गर्रा नदी का पानी। संवाद

ककरा में भरा गर्रा नदी का पानी। संवाद

ककरा में भरा गर्रा नदी का पानी। संवाद

ककरा में भरा गर्रा नदी का पानी। संवाद

ककरा में भरा गर्रा नदी का पानी। संवाद

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