शाहजहांपुर। चल-अचल संपत्तियों की रजिस्ट्री के लिए सरकार की ओर से लागू किए गए ई-पंजीकरण मॉड्यूल को वापस लिए जाने की मांग को लेकर सभी तहसीलों में वकीलों ने शुक्रवार को भी धरना-प्रदर्शन जारी रखा। इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को मुख्यमंत्री के नाम मांग से संबंधित ज्ञापन भी दिए।
सेंट्रल बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कलक्ट्रेट में मानव शृंखला बनाई। अधिवक्ताओं ने कहा कि पेपर लैस बैनामा किए जाने से अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक, स्टांप विक्रेता आदि का कार्य समाप्त हो जाएगा। पेपरलेस बैनामों से लाखों लोग बेरोजगार हो जाएंगे। एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार ने अधिवक्ताओं से आकर बातचीत की। इस दौरान, अध्यक्ष सरनाम सिंह यादव, महासचिव राजेश अवस्थी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामेंद्र कुमार मिश्र, धीरेंद्र कुमार मिश्र, वैभव श्रीवास्तव, विवेक कुमार यादव आदि मौजूद रहे।
जलालाबाद। वकीलों ने शुक्रवार को धरना दिया। इस दौरान धरनास्थल पर पहुंचे विधायक हरिप्रकाश वर्मा ने वकीलों से वार्ता कर उनकी मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का भरोसा दिलाया। इससे पहले, अधिवक्ताओं ने एसडीएम प्रभात राय को राज्यपाल के नाम ज्ञापन दिया। इस दौरान बार संघ अध्यक्ष अनिल पाठक, महासचिव अमित परमार आदि वकील मौजूद रहे।
तिलहर। वकीलों ने तहसील परिसर में प्रदर्शन किया और बाद में तहसीलदार अजहर अंसारी को मुख्यमंत्री तथा डीएम को संबोधित ज्ञापन दिए। इस मौके पर बार के अध्यक्ष राजेश्वर सिंह, महामंत्री राहुल देव सागर, जय ओम गंगवार, कुलदीप गुप्ता, अरुण कुमार, इमरान अख्तर, जीवेंद्र सिंह, अवधेश कुमार आदि मौजूद रहे।
मिर्जापुर। वकीलों ने शुक्रवार को उप निबंधक कार्यालय पर ताला डालकर कलान तहसील परिसर में नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। बाद में एसडीएम अभिषेक कुमार को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन देकर सरकार के इस फैसले को जन विरोधी बताया। इस दौरान तहसील बार संघ के अध्यक्ष रामचंद्र शाक्य ने वकीलों को चेताया कि हड़ताल के दौरान न्यायिक कार्य करते पाए जाने पर उनसे जुर्माना वसूल किया जाएगा।