सदर तहसील में एसडीएम की गाड़ी के आगे धरने पर बैठे अधिवक्ता। स्रोत : जागरूक पाठक
- फोटो : बंजारा टाउनशिप में हो रहा विद्युतीकरण कार्य।
शाहजहांपुर। तहसील सदर में पत्रावलियों पर सुनवाई न होने पर अधिवक्ताओं भड़क उठे। आरोप है कि छह माह से तहसीलदार और दो नायब तहसीलदारों की ओर से दाखिल-खारिज समेत अन्य कार्यों को लंबित रखा जा रहा है। नाराज अधिवक्ता हंगामा करते हुए धरने पर बैठ गए। उन्होंने एसडीएम सदर की गाड़ी रोक ली और जमकर नारेबाजी की। अधिकारियों का घेराव किया।
शुक्रवार को तहसील सदर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष घनश्याम मिश्रा के नेतृत्व में अधिवक्ता एसडीएम की गाड़ी के आगे धरने पर बैठ गए। उनका कहना था कि विगत छह माह से नायब तहसीलदार जमौर निवेदिता ठाकुर, नायब तहसीलदार कांट कमलेश राजपूत और प्रभारी तहसीलदार न्यायिक सतेंद्र कुमार अपने कार्यालय में नहीं बैठ रहे हैं। इसके चलते कार्य बाधित हो रहे हैं।
इस संबंध में पूर्व में भी अधिकारियों को अवगत कराया गया, पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। शुक्रवार को प्रभारी तहसीलदार न्यायिक सतेंद्र कुमार के सामने जब अधिवक्ताओं ने अपनी पत्रावलियां पेश कीं तो इन्कार कर दिया। इससे अधिवक्ता भड़क उठे और नारेबाजी करने लगे। सूचना पर चौक कोतवाली पुलिस और एसडीएम सदर संजय पांडेय मौके पर आ गए और अधिवक्ताओं से वार्ता की।
एसडीएम सदर ने बताया कि तीनों अधिकारियों की ड्यूटी एसआईआर में होने के चलते वे नहीं बैठ पा रहे हैं। एसडीएम ने अधिवक्ताओं को समझा बुझाकर मामले को शांत कराया। वहीं नायब तहसीलदार भावलखेड़ा को तहसीलदार न्यायिक का अतिरिक्त कार्यभार सौंपते हुए कार्य किए जाने के निर्देश दिए। शाम को एसडीएम के आश्वासन पर अधिवक्ताओं ने धरना समाप्त कर दिया।
भावलखेड़ा की नायब तहसीलदार निशि सिंह को तहसीलदार न्यायिक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। तहसीलदार न्यायिक सतेंद्र कुमार और नायब तहसीलदार कांट कमलेश राजपूत की ड्यूटी एसआईआर कार्य के लिए लगी है। इस वजह से कुछ समस्या आ रही है। अधिवक्ताओं को समझाया गया है।
-संजय पांडेय, एसडीएम सदर