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किसानों तक नवीनतम कृषि  तकनीक अपनाएं वैज्ञानिक

Mon, 20 Mar 2017 11:35 PM IST
शाहजहांपुर, ब्यूरो
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गन्ना शोध परिषद के मिठास-2017 कार्यक्रम में उमड़े किसान
कृषक-वैज्ञानिक संगोष्ठी में किसानों का अधिकारियों ने किया मार्गदर्शन
कृषि उत्पादों की प्रदर्शनी में गन्ना किसानों ने दिखाई दिलचस्पी 
 गन्ना शोध परिषद में सोमवार को मिठास-2017 कार्यक्रम के तहत एक दिवसीय किसान मेला और कृषि उत्पादों तथा उपकरणों की प्रदर्शनी लगाई गई। इसके साथ ही कम समय में पकने और अधिक चीनी परता देने वाली गन्ना की नवीनतम प्रजातियों का प्रदर्शन किया गया। आयोजित कृषक-वैज्ञानिक संगोष्ठी मेें लखनऊ से आए भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. एडी पाठक ने कृषि वैज्ञानिकों से आग्रह किया कि कृषि उत्पादन, विशेषकर गन्ना उपज में बढ़ोतरी के लिए किसानों तक नवीनतम कृषि तकनीक पहुंचाएं।
मिठास कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों समेत पड़ोसी देश नेपाल के सीमावर्ती इलाकों से तमाम गन्ना किसान सुबह से पहुंचने लगे। मुख्य अतिथि डॉ. पाठक ने किसान मेला का उद्घाटन करने के बाद डीएम कर्ण सिंह चौहान, एसपी केबी सिंह, गन्ना विकास निदेशक डॉ. एएल बाघमारे आदि अधिकारियों के साथ गन्ना प्रजातियों समेत कृषि उत्पादों की प्रदर्शनी का विभिन्न कंपनियों के स्टालोें पर जाकर निरीक्षण किया। 
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इस अवसर पर स्मारिका का विमोचन कर संगोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ. पाठक ने कहा कि प्रधानमंत्री की मंशा के अनुरूप किसानों की आय दोगुनी तभी होगी, जब कृषि उत्पादन में बढ़ोत्तरी होगी। किसानों को खेती-किसानी की उन्नत तकनीक से जोड़कर प्रति इकाई गन्ना उपज में बढ़ोत्तरी आसानी से हो जाएगी। इससे पूर्व, उद्घाटन भाषण में गन्ना शोध परिषद के निदेशक डॉ. बीएल शर्मा ने कहा कि गन्ना की नई प्रजातियों का विकास एक कड़ी चुनौती है, लेकिन वैज्ञानिक इस दिशा में सतत प्रयासशील हैं। 
निदेशक डॉ. शर्मा ने कहा कि गन्ना उत्पादन में किसी एक प्रजाति पर लंबे समय तक निर्भरता किसानों और चीनी उद्योग के हित में नहीं है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि हमेशा गन्ना की ऐसी नई प्रजातियों का बुवाई के लिए चयन करें जो कम समय में पकने के साथ अधिक चीनी परता दे सकें। परिषद के प्रसार अधिकारी संजीव पाठक के संचालन में हुई संगोष्ठी में अपर गन्ना आयुक्त वीके शुक्ला, आरपी यादव व वाईएस मलिक, गन्ना उपायुक्त डॉ. दिनेश्वर मिश्र व शेर बहादुर यादव, जिला गन्ना अधिकारी बीके पटेल, कृषि वैज्ञानिक डॉ. वीरेश सिंह, डॉ. सुभाष चंद्र्र सिंह, डॉ. अनेंग सिंह, डॉ. विनय श्रीवास्तव, डॉ. प्रताप सिंह, डॉ. अनिल सिंह, डॉ. मदन लाल, शिवपाल सिंह आदि ने किसानों की गन्ना खेती से जुड़ी जिज्ञासाओें का समाधान करके उन्हेें उपयोगी जानकारियां दीं। डॉ. केपी पांडेय ने सभी का आभार व्यक्त किया।
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गन्ना शोध सूचना प्रणाली का किया शुभारंभ
किसान मेला में संगोष्ठी को संबोधित करने से पूर्व मुख्य अतिथि डॉ. पाठक ने गन्ना शोेघ परिषद द्वारा तैयार की गई गन्ना शोध सूचना प्रणाली का शुभारंभ किया। इसके लिए उन्होंने विशेष रूप से विकसित एक साफ्टवेयर की मदद से लैपटॉप के जरिए प्रदेश के पंजीकृत करीब 55 हजार किसानों को गन्ना की वैज्ञानिक खेती से संबंधित मैसेज एक साथ भेजा। 
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इन किसानों को किया गया पुरस्कृत
मेला में किसानों द्वारा लाए गए गन्ना की प्रतियोगिता कराई गई। इसमें जिले के गांव नवलपुर चिंता निवासी श्रीराम गौतम ने प्र्रथम और इसी गांव के अनूप कुमार ने तृतीय स्थान पाया जबकि गांव बसुलिया निवासी रामशंकर दूसरे स्थान पर रहे। 
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अधिक परता देने वाली चीनी मिलें सम्मानित
मेले में प्रदेश की उच्च चीनी परता देने वाली मिलोें से अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस स्पर्धा में 12.13 प्रतिशत चीनी परता के साथ बुंदकी बिजनौर की द्वारिकेश शुगर मिल प्रथम, 11.87 प्रतिशत चीनी परता के साथ द्वारिकेश ग्रुप की बहादुरपुर इकाई द्वितीय और 11.73 प्रतिशत चीनी परता हासिल करने वाली कुंभी चीनी मिल तृतीय स्थान पर रही।
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श्रेष्ठता के आधार पर स्टाल भी हुए पुरस्कृत
कृषि प्रदर्शनी में विभिन्न कंपनियों द्वारा लगाए गए स्टालों को भी श्रेष्ठता के आधार पर पुरस्कृत किया गया। मनकीरत एग्री इंटरप्राइजेज को प्रथम, निगोही की डालमियां शुगर मिल को द्वितीय और किरन रामनिवास कृषि सेवा केेंद्र के स्टाल को तृतीय पुरस्कार दिया गया।
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