शाहजहांपुर। अंग्रेजों के जमाने से लागू भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) को रविवार की रात बारह बजे से खत्म कर दिया गया। आईपीसी की धाराओं में जिले में अंतिम मुकदमा कांट थाने में पशु क्रूरता अधिनियम के तहत लिखा गया। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के लागू होने पर सोमवार दोपहर मीरानपुर कटरा थाने में मारपीट का पहला मुकदमा दर्ज किया गया।
भारत सरकार ने 1860 से लागू आईपीसी को खत्म करने के साथ भारतीय न्याय संहिता को लागू कर दिया है। रविवार को 24 घंटे के अंतराल में जनपद के 23 थानों में 41 मुकदमे दर्ज हुए। इनमें दहेज हत्या, अपहरण, सीलभंग के दो-दो, चोरी में एक, आबकारी में आठ, शस्त्र अधिनियम में सात केस शामिल हैं। आईपीसी की धारा में अंतिम मुकदमा कांट थाना क्षेत्र के मोहल्ला शेरान में देवेश कुमार ने पशु क्रूरता अधिनियम के तहत दर्ज कराया। उन्होंने मुजीब, रशीद आदि को नामजद किया। पुलिस ने एक चाकू समेत अन्य उपकरण बरामद किए हैं। इसी मुकदमे के साथ जिले में पुलिस ने आईपीसी की धारा को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया।
बीएनएस के तहत मीरानपुर कटरा थाने में मारपीट का पहला मुकदमा दर्ज किया गया। मोहल्ला तहबरगंज के अमन कश्यप ने मोहल्ले के नीरज, आकाश व आजाद को नामजद किया है। रविवार की रात 12 बजे आईपीसी की धाराएं इतिहास में दर्ज हो गईं।
भारतीय न्याय संहिता के तहत धाराओं के नंबर बदलने के बाद सोमवार को अमन कश्यप ने तहरीर देकर बताया कि वह अपनी जमीन पर मिट्टी डाल रहे थे। सुबह साढ़े नौ बजे नीरज, आकाश, आजाद ने उन्हें घेरकर पिटाई लगा दी। उनके सीधे हाथ की अंगुली में काफी चोटें आई हैं। नाना भीम सेन कश्यप के साथ अभद्रता की गई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 115( 2), 352 और 351(2) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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नए सिरे से याद करनी होंगी धाराएं
-आईपीसी की धारा खत्म होने के बाद भारतीय न्याय संहिता की धाराओं को नए सिरे से याद करना होगा। अभी आमजन तक को प्रमुख धाराएं याद थीं। नई धाराओं को लेकर दिक्कत आएगी।
अधिवक्ताओं, पुलिस कर्मियों आदि के सामने कुछ दिन के लिए चुनौती रहने वाली है। सोमवार को फिर से थानों में नई धाराओं का ज्ञान कराने के लिए बैठकों का आयोजन किया। थाना सदर बाजार में व्यापारियों के साथ गोष्ठी कर नई धाराओं के बारे में जानकारी दी गई।