केंद्र सरकार के भूमि अधिग्रहण बिल को किसान विरोधी बताते हुए भाकियू टिकैत गुट के कार्यकर्ता बृहस्पतिवार को जमकर गरजे। उन्होंने जुलूस निकालकर कलक्ट्रेट गेट के सामने धरना देकर रोड जाम कर दी। वहीं पर पंचायत करके केंद्र सरकार की किसान विरोधी नीतियों पर जमकर प्रहार किए। बाद में अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर भूमि अधिग्रहण बिल वापस लेने की मांग की।
प्रदर्शन के लिए भाकियू कार्यकर्ता पीडब्ल्यूडी के गेस्ट हाउस कैंपस में जमा हुए। वहां से अपने बैनर-झंडे लेकर लाउडस्पीकर पर नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट गेट पर पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट कैंपस में दाखिल होने के बजाय वहीं धूप में तपती रोड पर गर्मी की परवाह किए बगैर बैठ गए। इससे रोड पर जाम लग गया। यातायात में रुकावट पड़ी तो पुलिस ने गेट केदोनों ओर स्लाइडिंग बैरियर लगाकर कचहरी तिराहे और सुदामा चौराहे से आने वाले वाहन कचहरी के पीछे वाले रास्ते पर डाइवर्ट कर दिए।
इस दौरान हुई पंचायत में जिलाध्यक्ष अजीत सिंह ने कहा कि जमीन किसानों की मां है और उसका सौदा किसी भी कीमत पर किसान नहीं करेंगे। जिला महासचिव दिलबाग सिंह ने कहा कि पूंजीपतियों को लाभ देने के लिए किसान विरोधी भूमि अधिग्रहण बिल लाया जा रहा है जिसे भाकियू सहन नहीं करेगी। महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष तारा यादव ने कहा कि सरकार की संवेदनहीनता के कारण किसान आत्म हत्याएं करने को मजबूर हो रहे हैं।
अतिरिक्त मजिस्ट्रेट हरीशंकर लाल शुक्ला को दिए गए ज्ञापनों में किसानों को दिहाड़ी मजदूर बनाने वाला भूमि अधिग्रहण बिल तत्काल वापस लेने, फसली नुकसान से आत्महत्या करने वाले किसानों को पर्याप्त मुआवजा देने, प्राकृतिक आपदा से पीड़ित किसानों के कर्ज और बिजली के बिल माफ करने आदि मांगों का उल्लेख है। प्रदर्शन में ऋषिपाल सिंह, अनिल सिंह यादव, सर्वजीत सिंह, शिशुपाल सिंह, सुरेश चंद्र, तुलसी राम आदि शामिल रहे।