परिषदीय विद्यालयों में जूडो कराटे एवं ताइक्वांडो का प्रशिक्षण देने के लिए महिला प्रशिक्षकों की ही भर्ती की जाएगी। यह फरमान बीएसए ने बृहस्पतिवार को जारी कर दिया है। मंगलवार को हुए चयन साक्षात्कार में शामिल हुए युवाओं ने इसका विरोध करते हुए सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खां से इसकी शिकायत की। इस पर खां ने बीएसए से बात भी की।
परिषदीय स्कूलों की छात्राओं को जूडो-कराटे और ताईक्वांडों का प्रशिक्षण देने के लिए 26 प्रशिक्षकों को भर्ती किया जाना था। इसके लिए मंगलवार को चार सदस्यीय कमेटी ने इंटरव्यू भी लिया था, जिसमें अधिकांश पुरुष अभ्यर्थी ही शामिल थे। इस पर बीएसए ने एक पत्र जारी करके कहा है कि प्रशिक्षकों के रूप में केवल लड़कियों का ही चयन किया जाएगा। इसके लिए इच्छुक महिलाएं अपने प्रपत्रों को शुक्रवार तक कार्यालय में जमा कर सकती हैं।
‘कस्तूरबा स्कूलों के लिए केवल महिला प्रशिक्षकों का चयन किया जाएगा। परिषदीय स्कूलों में भी महिलाओं को वरीयता दी जाएगी, क्योंकि प्रशिक्षण छात्राओं को दिया जाना है। इसके बाद जगह बचती है तो पुरुषों को मौका मिलेगा।’
- राजेश कुमार वर्मा, बीएसए
‘बीएसए से बात की थी। उन्हें बताया था कि वह शासन की मंशानुरूप कार्य करें। प्रशिक्षक चयन में केवल महिलाओं का चयन करने का शासनादेश में कहीं उल्लेख नहीं हैं। केवल महिलाओं को वरीयता देने की बात है।’
- तनवीर खां, सपा जिलाध्यक्ष