शाहजहांपुर। यदि आप किसी काम से बुधवार (आठ जनवरी) को सरकारी दफ्तर जाने की सोच रहे हैं तो न जाएं। दरअसल केंद्र सरकार के खिलाफ कर्मचारी यूनियनों ने मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को जिले के 30 हजार कर्मचारी हड़ताल पर रहकर धरना प्रदर्शन करेंगे। इनमें बैंक और बिजली विभाग कर्मचारी भी शामिल रहेंगे।
सेंटर ऑफ इंडिडयन ट्रेड यूनियंस (सीटू) के जिला महामंत्री पवन शर्मा का कहना है कि श्रम मंत्रालय अब तक श्रमिकों को उनकी किसी भी मांग पर आश्वासन देने में विफल रही है। श्रम मंत्रालय ने दो जनवरी 2020 को बैठक बुलाई थी, जिसमें सरकार के श्रमिक विरोधी रवैये के खिलाफ राष्ट्रव्यापी हड़ताल करने का निर्णय लिया गया है। इस हड़ताल में इंटक, एटक, एचएमएस, सीटू, एआईयूटीयूसी, टीयूसीसी, एसईडब्ल्यूए, एआईसीसीटीयू, एलपीएफ, यूटीयूसी समेत विभिन्न संघों और फेडरेशनों ने शामिल होने की घोषणा कर दी है। हड़ताल के माध्यम से श्रमिक विरोधी, जनविरोधी व राष्ट्र विरोधी नीतियों को वापस लेने की मांग सरकार से की जाएगी।
ट्रेड यूनियन की हड़ताल का सिर्फ समर्थन करेंगी रेलवे से जुड़ी यूनियनें
केंद्र सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों के विरोध में बुधवार को ट्रेड यूनियनों की देशभर में होने वाली हड़ताल का रेल के संचालन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। रेलवे से जुड़ी यूनियनों ने कहीं भी रेल संचालन को बंद करने का निर्णय नहीं लिया है, लेकिन ट्रेड यूनियन की हड़ताल का समर्थन जरूर किया जाएगा। वहीं हिंद मजदूर सभा ने हड़ताल में शामिल होने की घोषणा की है। सभा के जिलाध्यक्ष नरेंद्र त्यागी ने बताया कि उनकी यूनियन से जुड़े कर्मचारी देशभरमें हैं, जोकि हड़ताल में शामिल रहेंगे।
बिजली के निजीकरण का होगा विरोध, कार्य बहिष्कार करेंगे विभागीय अधिकारी व कर्मचारी
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की बैठक में जिले के सभी विद्युत संगठनों ने भी निजीकरण के विरोध व ज्वलंत समस्याओं के समाधान के लिए एक दिवसीय कार्य बहिष्कार व हड़ताल पर जाने की रणनीति बनाई गई। समिति के अध्यक्ष प्रशांत गुप्ता ने बताया कि बुधवार को बिजली विभाग के सभी अवर अभियंता, कार्यालय सहायक, टीजी-2 व कर्मचारी शामिल रहेंगे। इस मौके पर संयोजक विनोद सिंह राणा, सह संयोजक डा. एए मलिक, सचिव तेजराम कठेरिया, कोषाध्यक्ष अतुल कुमार, गौरव कुमार आदि शामिल रहे।