गांव जठियापुर बुजुर्ग के जिंदबाबा स्थान पर चल रहे शतचंडी यज्ञ में मंगलवार को कृष्ण-सुदामा की कथा सुनकर श्रोता भावविभोर हो उठे। कथा के दौरान प्रस्तुत की गई सुंदर झांकियों ने लोगों का मन मोह लिया।
कथा व्यास राम प्रकाश मिश्र ने कथा सुनाते हुए कहा कि पानी परात को हाथ छुओ नहिं नैनन के जल से पग धोए अर्थात बेहद गरीबी में जीवन यापन कर रहे सुदामा की पत्नी ने उनसे भगवान कृष्ण के यहां जाकर कुछ मांगने को कहा, जिससे गरीबी दूर हो सके। सुदामा कुछ मुट्ठी चावल लेकर द्वारिकापुरी पहुंचे। द्वारपालों ने जब भगवान कृष्ण को बचपन के सखा सुदामा के आने की सूचना दी तो श्रीकृष्ण नंगे पैर ही भाग खड़े हुए और मित्र के पैरों को आंखों के जल से ही धो डाला। इसके बाद भगवान ने सुदामा से चावल छीनकर खा लिए और उन्हें समस्त वैभव प्रदान किया। कथा के दौरान सुंदर भजन सुनकर श्रोता झूम उठे। आयोजन में राजा नंदा, प्रेमचंद्र दीक्षित, मधुसूदन दीक्षित, डॉ. सुधीर गुप्ता, राम कुमार अकेला सहित तमाम लोगों का सहयोग रहा।