राशन कार्डधारकों की तुलना में खाद्यान्न का आवंटन नहीं होने और खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत विभाग स्तर से पात्र गृहस्थी तय नहीं किए जाने से परेशान जिले भर के कोटेदारों ने सोमवार को आपूर्ति कार्यालय में हंगामेदार प्रदर्शन किया। उन्होंने कार्यालय में मौजूद डीएसओ अभय प्रताप सिंह का घेराव करके उन पर सवालों की झड़ी लगा दी। बाद में सस्ता गल्ला विक्रेता परिषद की ओर से उन्हें ज्ञापन देकर राशन वितरण संबंधी समस्याओं पर वार्ता की और उनका निराकरण कराए जाने पर जोर दिया।
एक मार्च से लागू हो रहे खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत ऑनलाइन आवेदन करने वाले नामों की क्षेत्रवार सूचियां बनाने के बाद विभाग ने उनकी पात्रता अपने स्तर से सत्यापित करने के बजाय यह काम कोटेदारों पर छोड़ दिया है। सस्ता गल्ला विक्रेताओं का कहना है कि विभाग ने ऐसा करके उन्हें कोटेदारों से पंगा लेने को मजबूर कर दिया है। कोटेदारों के अनुसार उन्हें कार्डधारकों की तुलना में खाद्यान्न आवंटन भी कम हो रहा है और ऐसी दशा में खाद्यान्न कोटा बढ़ाए बगैर नए लाभार्थियों को खाद्यान्न देना संभव नहीं होगा।
इन समस्याओं के संबंध में आपूर्ति अधिकारी अभय प्रताप सिंह से सस्ता गल्ला विक्रेता परिषद के पदाधिकारी कई बार मिले, लेकिन समाधान नहीं हुआ। अंतत: परिषद के जिलाध्यक्ष केदार नाथ कपूर के बुलावे पर जिले की विभिन्न तहसीलों के कोटेदार सोमवार को सुबह डीएसओ दफ्तर जा धमके और हंगामेदार प्रदर्शन करके वहां के लिपिकों को काम रोकने पर मजबूर कर दिया। यही नहीं, कुछ देर बाद वहां पहुंचे डीएसओ अभय सिंह का उनके कक्ष में घेराव कर लिया।
राशन वितरण से जुड़ी दिक्कतें बताते हुए कोटेदारों ने डीएसओ पर सवालों की झड़ी लगा दी। इस मौके पर उन्हें दिए गए ज्ञापन में आवंटित कार्डों और यूनिटों के अनुसार खाद्यान्न का गोदाम से उठान कराने, पात्र कार्डधारकों की सत्यापित सूची उपलब्ध कराने, होली के मद्देनजर मार्च माह में भी खाद्यान्न का वितरण कराने आदि मांगों का उल्लेख है। डीएसओ ने आश्वस्त किया कि खाद्यान्न वितरण संबंधी समस्याओं का समाधान शीघ्र करा दिया जाएगा। प्रदर्शन और वार्ता मेें गोविंद मोहन अवस्थी, वरुण सारस्वत, सर्वेश मिश्रा, इश्तियाक अहमद, देवेंद्र मोहन आदि ने कोटेदारों का नेतृत्व किया।