बेमौसम बरसात से फसलों की बर्बादी का दर्द समेटे जिले के किसानों में सरकार के प्रति भरोसा जगाने के लिए प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव कृषि अमित मोहन प्रसाद शुक्रवार को एक दिवसीय दौरे पर यहां आए। उन्होंने ओसीएफ गेस्ट हाउस में डीएम समेत अन्य अधिकारियों से जिले में फसली नुकसान का ब्यौरा लिया। बाद में भावलखेड़ा ब्लॉक के कई गावों का दौरा कर खेतों में फसली बरबादी का मंजर देखा और किसानों के आंसू पोछने के लिए उन्हें राहत राशि केचेक वितरित किए।
अफसरों की बैठक में प्रमुख सचिव कृषि सहित उनके साथ आए विशेष सचिव राजस्व केके चौधरी और निदेशक उद्यान एसपी जोशी भी मौजूद रहे। डीएम शुभ्रा सक्सेना ने उन्हें बताया कि जिले में 168237 किसान बारिश की विपदा से प्रभावित हुए है। 27572 किसानों की 9362 हेक्टेयर में बोई 50 फीसदी से ज्यादा फसलें नष्ट हो गई हैं। अन्य किसानों को 51930 हेक्टेयर मेें 25 से 49 प्रतिशत नुकसान उठाना पड़ा। डीएम ने उन्हें फसली नुकसान बर्दाश्त नहीं कर पाने से मौत का शिकार बने मुकरमपुर के रामस्वरूप और लालपुर के अशोक कुमार के बोर में जानकारी दी।
प्रमुख सचिव प्रसाद ने फसली सर्वे में गड़बड़ी संबंधी शिकायतें रोकने के लिए संबंधित क्षेत्रों में अफसरों से सत्यापन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोई भी पीड़ित किसान राहत धनराशि पाने से वंचित नहीं रहे और यह भी सुनिश्चित करें कि कोई भी व्यक्ति गलत तरीके से शासकीय सहायता हासिल नहीं करने पाए। उन्होंने उप निदेशक कृषि प्रसार आरके यादव और जिला कृषि अधिकारी को खरीफ की फसल के लिए बीजों की उपलब्धता को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। बैठक में संयुक्त निदेशक कृषि रामलखन राजपूत, सीडीओ महेंद्र बहादुर सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व पीके श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
किसानों की पीड़ा सुनकर द्रवित हुए प्रमुख सचिव
बैठक के बाद प्रमुख सचिव प्रसाद ने अफसरों के साथ इटौलिया गुर्री और जमुही जाकर खेतों की मेड़ पर खड़े होकर फसलों की बरबादी का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने शिशुपाल, वीरेंद्र, सत्येंद्र, पवन सिंह, अवधेश कुमार आदि किसानों का दुखड़ा सुना तो द्रवित हो उठे। किसानों ने बताया कि प्रति बीघा चार क्विंटल गेहूं की जगह इस बार केवल डेढ़-दो क्विंटल फसल मिल पाई।
933 किसानों को बांटे 41.91 लाख रुपये
जिले में शुक्रवार को विभिन्न तहसीलों में 933 किसानों को 41.91 लाख रुपये की राहत सहायता दी गई। प्रमुख सचिव प्रसाद और राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा ने इटौलिया गुर्री में 35, जमुही में 54 और कौलहा पट्टी में 34 किसानों को 3.26 लाख रुपये के चेक बांटे। इसी तरह जलालाबाद में 276 किसानों को 10.04 लाख रुपये, पुवायां में 244 किसानों को 17.72 लाख रुपये और तिलहर तहसील में 290 किसानों को 11.14 लाख रुपये की सहायता राशि जनप्रतिनिधियों के माध्यम से बांटी गई।
प्रभावित गांवों में होगा फसलों का प्रदर्शन
बरेली/शाहजहांपुर। प्रमुख सचिव (कृषि) अमित मोहन ने कहा है कि बेमौसम बारिश के कारण किसानों पर कुदरत की मार रही है। उनके इन जख्मों को भरने के लिए बहुत कुछ करना होगा। मुआवजा राशि से जख्म नहीं भरे जा सकते लेकिन कुछ न कु छ राहत मिलेगी। किसानों के इन जख्मों को भरने के लिए जायद और खरीफ की कम समय और अधिक उत्पादन वाली फसलों को उगाने के लिए प्रोत्साहन तथा प्रचार प्रसार की जरूरत है। इसीलिए खुद और प्रदेश के कृषि अधिकारी प्रभावित जिलों का दौरा करके यह जानकारी कर रहे हैं कि परेशान इन किसानों के लिए और क्या हो सकता है।
सर्किट हाउस में वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि ज्यादा फसल की बर्बादी वाले गांवों में ही जायद और खरीफ की फसल का कृषि वैज्ञानिकों से प्रदर्शन कराया जाएगा। इसका उद्देश्य है कि किसान कम समय में इन फसलों का अधिक से अधिक उत्पादन ले सकें। इसके लिए केंद्र और प्रदेश सरकार से खाद, बीज, कीटनाशक दवाओं तथा अन्य उपकरणों पर विशेष अनुदान की व्यवस्था कराई जा रही है।
कम समय में अधिक उत्पादन के लिए कृषि विशेषज्ञों की टीम इन गांवों में पहुंचेगी और उनको तकनीकी जानकारी देगी। किसानों को यह बताया जाएगा कि वह कम समय में अधिक उत्पादन करके ज्यादा लाभ लेकर कर्जा से राहत पा सकें। इसके लिए सरकार यूपी के कृषि वैज्ञानिकों के अलावा गोविंद बल्लभ पंत कृषि विवि तथा दूसरे प्रांतों के कृषि वैज्ञानिकों की मदद लेगी। दौरो के समय उन्होंने शाहजहांपुर और बरेली के प्रभावित गांवों में खेतों का हाल देखा और किसानों को सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि किसान देश की अर्थ व्यवस्था की रीढ़ हैं और वह साहस तथा हिम्मत से काम लें। वह ऐेसा कोई कदम न उठाएं, जिससे कि उनको और परिवार को परेशानी हो। उनके साथ कृषि निदेशक और निदेशक बागवानी भी मौजूद थे।