शाहजहांपुर। किसान फसल कर्ज माफी योजना के तहत जिले के 70 हजार से अधिक किसानों को लाभ मिल चुका है, लेकिन अभी ऐसे सैकड़ों किसान हैं, जिनका कर्ज माफ होने के बाद भी उन्हें बैंकों के ओर से कर्ज अदायगी का नोटिस भेजा जा रहा है। जिससे परेशान किसान, जिला कृषि अधिकारी कार्यालय और बैंक के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
प्रदेश सरकार की फसली कर्ज माफी योजना के तहत जिले के नान एनपीए के 1,17,925 किसानों में से 53,250 किसानों का 356.15 करोड़ व एनपीए के 38 हजार, 92 किसानों में नौ हजार 429 का 16.61 करोड़ कर्ज माफ किया गया। एनपीए खाता धारकों में लाभ से वंचित 165 किसानों की शिकायतें मिलने के बाद उनका 0.56 करोड़ का कर्ज माफ कर दिया गया। उसके बाद भी ऐसे कई किसान हैं, जिन्हें कर्जमाफी योजना का लाभ नहीं मिल पाया। इनमें 24,474 शिकायतें प्राप्त होने पर पहले चरण में 1890, दूसरे चरण में 2172 और तीसरे चरण में 2370 किसानों का कुल 45.62 करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया गया। इसके बाद भी बहुत से किसान सामने आए जिन्हें योजना का लाभ नहीं मिल सका था, उनके लिए शासन ने एक बार फिर ऑफलाइन व्यवस्था से कर्जमाफी का लाभ देने का निर्णय लिया। इसके लिए ऑफलाइन डेस्क की शुरुआत की गई। जिले के पात्र किसानों से आवेदन मांगे गए। इस बार 2018 किसानों ने अपना आवेदन किया। जिनका जिला कृषि अधिकारी के स्तर से सत्यापन कराए जाने पर 1503 किसानों को पात्र पाया गया। जिनकी डिमांड दो महीने पहले ही जनरेट कर दी गई, लेकिन अब तक किसानों के खाते में कर्ज माफी की धनराशि नहीं पहुंची है। दूसरी तरफ बैंक किसानों पर बराबर कर्ज अदायगी का नोटिस भेज दबाव बना रही हैं। किसान जिला कृषि अधिकारी और बैंक के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें कहीं भी किसी भी तरीके का संतोषजनक जवाब नहीं मिल पा रहा है।
क्या कहते हैं किसान-
फोटो 35: ऋषिपाल सिंह यादव, मजरेता
मैंने बुधवाना बैंक ऑफ बड़ौदा से किसान क्रेडिट कार्ड बनवाया था। कर्जमाफी के लिए ऑफलाइन आवेदन करने पर दो महीने पहले पता चला कि कर्ज माफ हो गया है। उसके बाद भी बैंक के कर्मचारी उन पर कर्ज अदायगी का दबाव बनाने लगे, तो जानकारी करने पर पता चला कि अभी तक कर्जमाफी का रुपया बैंक खातें में नहीं आया है। कृषि अधिकारी और बैंक के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
ऋषिपाल सिंह यादव, मजरेता
मैने पंजाब नेशनल बैंक की जलालाबाद शाखा से फसली कर्ज लिया था। ऑफलाइन आवेदन करने के बाद मेरा कर्ज माफ हो गया है, पर अभी तक बैंक खाते में धनराशि नहीं पहुंची है। मेरे पास इतना रुपया नहीं है कि वह बैंक का कर्ज अदा कर सकें, लेकिन उन पर दबाव बनाया जा रहा है। कई बार बैक बुलाकर रुपया जमा करने को कहा गया।
- साहब सिंह, कोना
जलालाबाद की पंजाब नेशनल बैंक से कृषि कार्य के लिए ऋण लिया था। सरकारी योजना के तहत उसे माफ कराने के लिए आवेदन भी किया था। जिसके बाद उन्हें बताया गया कि उनका नाम पात्रता सूची में आ चुका है। योजना का लाभ देने के लिए डिमांड जनरेट कर दी गई है। शासन से रुपया मिलते ही खातों में ट्रांसफर कर की जाएगी, लेकिन दो महीने से ज्यादा समय बीतने के बाद भी खाते में रुपया नहीं आया पर बैंक की ओर से नोटिस जरूर मिल चुका है। - श्यामवीर सिंह, जलालाबाद
ऑफलाइन शिकायत करने वाले ऋणी किसान और कर्जमाफी का ब्योरा
2018 - किसानों ने ऑफलाइन शिकायत की थी।
1503 - किसानों को कर्जमाफी का लाभ मिला।
8.24 - करोड़ रुपये का कर्ज माफ हुआ।
फसली कर्ज माफी योजना के लाभ से वंचित किसानों के ऑफलाइन आवेदन मिलने के बाद सत्यापन कर डिमांड शासन को भेज दी गई है। अभी तक धनराशि प्राप्त नहीं हुई हैं। धनराशि के आते ही किसानों के खाते में ट्रांसफर कर दिया जाएगा। अभी कितना समय लगेगा कहा नहीं जा सकता है।
डा. सतीश चंद्र पाठक, जिला कृषि अधिकारी