बंडा एसओ को पांच सितंबर तक निलंबित करने का लालीपॉप दिखाए जाने पर किसान संगठनों ने एसडीएम कार्यालय पर चल रहा धरना प्रदर्शन समाप्त कर दिया। इससे पूर्व बुधवार को पूरे दिन धरना स्थल पर भारी संख्या में मौजूद किसानों ने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
किसानों की विभिन्न समस्याओं को निराकरण कराने की मांग को लेकर भरतीय किसान मजदूर संगठन ने 22 अगस्त को एसडीएम को ज्ञापन दिया था। कार्रवाई नहीं होने पर 29 अगस्त से एसडीएम कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया गया था। आरोप है कि 29 अगस्त की रात एसडीएम जयपाल सिंह और सीओ अरूण कुमार ने बंडा एसओ राजेश सिंह और पुवायां थाने की फोर्स को मौके पर बुला लिया। इसके बाद बंडा एसओ ने धरना स्थल पर मौजूद किसानों पर लाठीचार्ज कर दिया। सिपाहियों ने टेंट, बैनर आदि उखाड़कर फेंक दिया। किसानों को दौड़ा दौड़ाकर पीटा गया था।
जानकारी होने पर संगठन से जुडे़ जिले भर के कार्यकर्ता मंगलवार को पुवायां पहुंचे और एसडीएम कार्यालय के सामने फिर से टेंट लगाकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया था। इसके बाद मुख्यमंत्री के नाम प्रेषित ज्ञापन में किसानों लाठीचार्ज कराने वाले एसडीएम, सीओ का तबादला कराए जाने और बंडा एसओ का निलंबन किए जाने की मांग की गई थी। बुधवार को भाकियू के अन्य गुटों से जुड़े किसान और पदाधिकारी भी लाठी, डंडे लेकर धरना स्थल पर पहुंचे और जमकर नारेबाजी की।
दोपहर बाद एसडीएम जयपाल सिंह, सीओ अरूण कुमार ने धरना स्थल पर किसाने नेताओं से वार्ता की। किसान नेता बंडा एसओ के निलंबन की मांग पर अड़े रहे। सीओ ने एसपी से वार्ता की और कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया। वार्ता के दौरान भाकिमयू के प्रदेश प्रभारी केपी सिंह, महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष माधुरी देवी, जिलाध्यक्ष देवेंद्र पाल, भाकियू टिकैत गुट के तहसील अध्यक्ष अनिल सिंह यादव, श्रीकृष्ण यादव, संतोष कुमार, महेश वर्मा, भाकियू भानु गुट के जिलाध्यक्ष महेंद्रपाल सिंह यादव, भाकियू राष्ट्रवादी गुट के मंडल प्रभारी जीशान रजा, जिलाध्यक्ष मुनीश्वर दयाल सहित तमाम किसान मौजूद रहे।
आमने-सामने
सीओ ने एसपी से बात करने के बाद पांच सितंबर तक बंडा एसओ का निलंबन किए जाने का आश्वासन दिया है। इसी आश्वासन पर धरना समाप्त किया गया है। यदि वायदा खिलाफी हुई तो छह सितंबर से आंदोलन दोबारा शुरू कर दिया जाएगा।
- अनिल सिंह यादव, भारत सिंह यादव किसान नेता
किसान नेताओं से वार्ता हुई है। रिपोर्ट पुलिस अधीक्षक को भेजी जाएगी। वहीं कोई निर्णय करेंगे। मेरी तरफ से बंडा एसओ के निलंबन या तबादले का कोई आश्वासन नहीं दिया गया है।
-अरुण कुमार सीओ पुवायां