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बंडा से ट्रैक्टर ट्रॉली से दिल्ली रवाना हुए किसान

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बंडा के बरीबरा से दिल्ली जाते किसान। संवाद - फोटो : POWAYAN
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बंडा। बंडा के गांव बरीबरा से करीब 20 से 25 किसान बुधवार को ट्रैक्टर ट्रॉली से दिल्ली रवाना हो गए। किसानों ने कहा कि वे लोग दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर होने वाली ट्रैक्टर रैली में भाग लेने जा रहे हैं। किसान संगठनों के आंदोलन में वे लोग हिस्सा लेकर वे उसे मजबूती प्रदान करेंगे। बंडा के ही गांव पोहकरपुर से भी किसान दिल्ली गए हैं।
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गौरतलब है कि कृषि कानूनों के विरोध में किसान संगठनों ने गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर रैली निकालने की घोषणा कर रखी है। उधर पुलिस, प्रशासन किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए समझाने में लगा हुआ है, लेकिन इसका कोई असर होता नहीं दिख रहा है और किसान दिल्ली के लिए रवाना होना शुरू हो गए हैं। बुधवार को गांव बरीबरा से एक ट्रैक्टर ट्रॉली में हरजीत सिंह, जगराज सिंह, गुरप्रीत सिंह, मनप्रीत सिंह, गुरबाज सिंह, गुरप्रीत सिंह, तरसेम सिंह, वजीर सिंह, पल्लू सहित 20 से 25 किसान दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
किसानों ने दिल्ली जाने की भनक पुलिस और प्रशासन को नहीं लगने दी। किसान बरेली जनपद के कस्बा भुता पहुंच गए तब जाकर पुलिस को किसानों के दिल्ली जाने की सूचना मिल सकी। इससे खलबली मच गई, लेकिन पुलिस किसानों के दिल्ली जाने की बात मानने को तैयार नहीं हैं। बंडा थाना प्रभारी मनोज कुमार का कहना है कि पुलिस बार्डर पर पूरी तरह से मुस्तैद है, ऐसे में किसान कहां से दिल्ली जा सकते हैं।
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उधर पीलीभीत सीमा से सटे गांव पोहकरपुर से भी पीलीभीत और शाहजहांपुर के 20 किसान बुधवार तड़के दिल्ली रवाना हो गए। पुलिस ने पोहकरपुर से किसानों के दिल्ली जाने की जानकारी से इंकार किया है।
एसपी पहुंचे नानकपुरी गुरुद्वारा
बंडा। पुलिस अधीक्षक एस. आनंद ने बुधवार दोपहर बंडा के गुरुद्वारा नानकपुरी पहुंचकर सेवादारों से वार्ता की। गुरुद्वारे पहुंचे कुछ किसानों से भी एसपी की वार्ता हुई। एसपी ने किसानों से अपील की है कि वे दिल्ली जाने से बचें। एसपी ने बंडा पुलिस से भी किसानों के दिल्ली जाने के बारे में जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि किसान आंदोलन में शामिल होने की तैयारी कर रहे इस कारण उनके संपर्क में रहें और उनको दिल्ली न जाने के लिए समझाएं।
कृषि कानूनों के विरोध में गरजे भाकपा कार्यकर्ता
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कृषि कानूनों के विरोध में बुधवार को धरना जारी रखते हुए सरकार के खिलाफ हुंकार भरी। उन्होंने तीनों कृषि कानून वापस लेने की मांग दोहराते हुए दिल्ली में आंदोलनरत किसानों के धैर्य को सलाम कर उनका हौसला बढ़ाया।
खिरनीबाग के जीआईसी ग्राउंड स्थित धरना स्थल पर हुई सभा में सीपीआई की राज्य कौंसिल के सदस्य सुरेश कुमार ने कहा कि दो दिन पहले जनपद के दौरे पर आईं राज्यपाल ने असाध्य बीमारियां दूर करने के लिए उर्वरकों के बजाय जैविक खाद से खेती करने पर बल दिया। उन्होंने किसानों की आय दोगुनी करने के लिए मत्स्य पालन, पशुपालन, मशरूम की खेती और गरीबों के लिए तमाम योजनाओं का उल्लेख किया, लेकिन इन सारी योजनाओं पर भू-माफिया, दबंग और दलाल पानी फेर रहे हैं। पार्टी के सह सचिव रामशंकर लाल ने कहा कि योजनाओं को सार्थकता तभी मिलेगी, जब उनका लाभ जरूरतमंदों को मिलेगा। जिला मंत्री मो. सलीम की अध्यक्षता में हुई सभा और धरना में संजय कुमार, कमला देवी, धन देवी, अफसाना, राम निवास, उर्मिला, शांति देवी, मो. इस्लाम आदि शामिल रहेे।
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