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खुटार के स्कूल में दूध पीने से नौ बच्चे बीमार

Wed, 29 Jul 2015 09:21 PM IST
खुटार (शाहजहांपुर)।
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क्षेत्र के गांव कुंभिया माफी के प्राथमिक स्कूल में बुधवार को दूध पीने के बाद कई छात्र-छात्राओं की हालत बिगड़ गई। उल्टी, दस्त होने पर शिक्षक स्कूल की छुट्टी आधे घंटे पहले ही करके भाग गए। जानकारी पाकर एसडीएम सहित कई अधिकारी गांव पहुंचे और बच्चों का इलाज कराया। दो बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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कुंभिया के स्कूल में 118 बच्चे पंजीकृत हैं। बुधवार को 94 बच्चे स्कूल आए थे। शिक्षक हरेंद्र कुमार ने गांव के ही रामविलास के घर से सात किलो दूध मंगवाकर छात्र-छात्राओं को वितरित कराया। दूध पीने के कुछ देर बाद ही बच्चों को उल्टी, दस्त शुरू हो गए। इस पर शिक्षक ने समय से आधे घंटे पहले ही स्कूल में छुट्टी कर दी और स्कूल से चले गए। शिक्षक ने अधिकारियों को बच्चों के बीमार होने की जानकारी देने की जरूरत नहीं समझी। बीमार बच्चे घर पहुंचे तो गांव के ही एक डॉक्टर से बच्चों का इलाज शुरू कराया गया। एक के बाद एक बच्चे डॉक्टर के पास पहुंचे तो गांव के लोगों में हड़कंप मच गया। बीमार बच्चों ने बताया कि दूध पीने के बाद से उनकी हालत बिगड़ी है। अभिभावकों ने शिक्षक को फोन किया तो उन्होंने मामूली बीमारी होने की बात कहते हुए इलाज करा लेने को कहा और फोन स्विच ऑफ कर लिया।
गांव के कोटेदार ने बच्चों के बीमार होने की जानकारी एसडीएम लालबहादुर, बीईओ राजेश चतुर्वेदी को दी तो अधिकारियों में भी हड़कंप मच गया। दोनों अधिकारी गांव पहुंचे। शाहजहांपुर से बीईओ संजय शुक्ला भी गांव पहुंचे। एसडीएम के निर्देश पर खुटार के सरकारी अस्पताल के प्रभारी डॉ. संजीव कुमार टीम के साथ गांव पहुंचे और छात्र कक्षा पांच के विकास, कक्षा एक के आतोष, कक्षा चार के अरुण, कक्षा तीन की कामिनी और रागिनी, कक्षा एक की अंजली, कक्षा पांच की रितु आदि बच्चों का इलाज शुरू किया। डॉक्टर के अनुसार प्रथम दृष्टिया फूड प्वॉइजनिंग से बच्चों के बीमार होने की आशंका है। डॉक्टर के लौटने के बाद दो बच्चे, कक्षा तीन की छाया और कक्षा दो के पुष्पेंद्र, भी बीमार हो गए। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सभी बच्चों की हालत खतरे से बाहर है। बीमार बच्चों के अभिभावकों का आरोप है कि गांव से मात्र सात किलो दूध लिया गया। वितरण में दूध कम पड़ने पर शिक्षक ने सूखा दूध मिलाकर वितरित करा दिया, जिसे पीते ही बच्चे बीमार पड़ गए। उधर, शिक्षक हरेंद्र कुमार ने कहा कि उन्होंने सूखा दूध नहीं वितरित कराया है। गांव से लिया गया दूध ही बच्चों को दिया गया। सात किलो दूध 94 बच्चों में किस तरह वितरित किया गया, इस पर वह चुप्पी साध गए।
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कराई जाएगी मामले की जांच
बच्चों के बीमार होने के कारणों की जांच कराई जाएगी। यदि कोई दोषी पाया गया तो कार्रवाई कराई जाएगी। बच्चों का इलाज कराया गया है और उनकी हालत ठीक है।
- लालबहादुर, एसडीएम पुवायां


शिक्षक हरेंद्र कुमार ने बच्चों के बीमार होने के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं दी। कोटेदार की सूचना पर बच्चों के बीमार होने का पता चला तो मैं गांव पहुंचा और बच्चों के इलाज की व्यवस्था कराई।
- राजेश चतुर्वेदी, बीईओ खुटार


मैंने सूखा दूध मिलाकर वितरित नहीं कराया है। गांव के रामविलास से दूध खरीदा गया था। वही दूध वितरित किया गया है। बच्चे कैसे बीमार हुए इसकी जानकारी नहीं है।
- हरेंद्र कुमार, शिक्षक प्राथमिक स्कूल कुंभिया माफी खुटार


बच्चों के बीमार होने की जानकारी पाकर मैं अभिभावकों के घर गया। शिक्षक को फोन किया तो उनका फोन स्विच ऑफ था। शिक्षक ने गांव के रामविलास के यहां से दूध लेकर वितरित कराने की बात कही है। - चंद्रिका प्रसाद, प्रधान रामवती का पुत्र
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