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नकली उर्वरक बनाने की फैक्टरी पकड़ी

सार

अल्हागंज के गांव रामपुर जेरा रहीमपुर में नकली उर्वरक की 184 बोरियां बरामदगी के साथ संगठित गिरोह का खुलासा हुआ है।पुलिस ने नकली उर्वरक की 184 बोरियों को बरामद किया था।एसपी एस. आनंद के निर्देश पर जलालाबाद पुलिस ने पारस कश्यप को शनिवार शाम को याकूबपुर चौराहे के पास से गिरफ्तार कर लिया।
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जलालाबाद पुलिस की गिरफ्त में नकली उर्वरक के कारोबारी - फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। अल्हागंज के गांव रामपुर जेरा रहीमपुर में नकली उर्वरक की 184 बोरियां बरामदगी के साथ संगठित गिरोह का खुलासा हुआ है। पुलिस ने सिंधौली के गांव कुरसंडा में छापा मारकर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसका सगा भाई भाग गया। पुलिस ने नकली उर्वरक समेत उर्वरक बनाने के उपकरण भी बरामद किए हैं। पुलिस ने गिरोह के चार लोगों पर कार्रवाई की है, जबकि एक आरोपी वांछित है।
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29 सितंबर को जिला कृषि अधिकारी सतीश चंद्र पाठक ने जलालाबाद पुलिस के साथ रामपुर जेरा रहीमपुर में छापा मारा था। पुलिस टीम ने गांव के प्रदीप सिंह व आलोक सिंह को गिरफ्तार किया। पुलिस ने नकली उर्वरक की 184 बोरियों को बरामद किया था। पूछताछ के दौरान रोजा थाना क्षेत्र के गांव बरतारा निवासी पारस कश्यप का नाम प्रकाश में आया। एसपी एस. आनंद के निर्देश पर जलालाबाद पुलिस ने पारस कश्यप को शनिवार शाम को याकूबपुर चौराहे के पास से गिरफ्तार कर लिया। पारस ने पुलिस को बताया कि सुनील गुप्ता व उसका भाई श्याम मोहन निवासी कुरसंडा थाना सिंधौली नकली उर्वरक बनाकर बिक्री करते हैं। पुलिस ने पारस को साथ लेकर छापा मारा। कृषि विभाग की टीम के साथ पहुंची पुलिस को सुनील गुप्ता व श्याम मोहन अपने घर पर नकली उर्वरक तैयार करते मिल गए। पुलिस को देखकर आरोपियों ने भागने की कोशिश की। सिपाहियों ने श्याम मोहन को गिरफ्तार कर लिया। सुनील अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गया। पुलिस ने यहां से भारी मात्रा में नकली उर्वरक, नकली उर्वरक बनाने के उपकरण व केमिकल आदि को बरामद किया है।
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फैक्टरी से बनी नकली उर्वरक खपाने को बनी थी पूरी चेन
-नकली उर्वरक फैक्टरी का खुलासा होने के बाद कई तथ्य सामने आए हैं। पुलिस की जांच में स्पष्ट हुआ कि नकली खाद का खेल करने वालों का पूरी चेन बनी थी। श्याम मोहन व सुनील गुप्ता नकली उर्वरक केमिकल मिलाकर अपने गांव स्थित घर में तैयार करते थे। 800 रुपये प्रति बोरी के हिसाब से पारस कश्यप खरीदारी करता था। वह आलोक को 900 रुपये में बेचता था। प्रदीप नकली उर्वरक को असली बताकर किसानों के साथ धोखाधड़ी कर 1470 रुपये प्रति बोरे के हिसाब से बिक्री करता था। एसपी देहात संजीव कुमार वाजपेयी ने बताया कि संगठित गिरोह बनाकर आरोपी कार्य करते थे। भागे आरोपी की तलाश की जा रही है।
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