संगठन का बिखराव होने से रोका चुनाव में प्रदर्शन का मिला इनाम
बेदाग छवि और जातीय समीकरण को साधते हुए केसी मिश्रा और शिल्पी गुप्ता की दोबारा से ताजपोशी की गई। अपने कार्यकाल के दाैरान संगठन का बिखराव होने से रोका और चुनावों में भी शानदार प्रदर्शन किया। यही वजह रही कि दोनों को इसका इनाम दिया गया।
वर्ष 2022 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान जिलाध्यक्ष रहे हरिप्रकाश वर्मा को जलालाबाद से टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारा गया था। उस समय संघ से जुड़े केसी मिश्रा को जिला संयोजक नियुक्त किया गया था। चुनाव में हरिप्रकाश जीत गए। साथ ही केसी मिश्रा को जिलाध्यक्ष पद की कमान सौंप दी गई। सौम्य स्वभाव के केसी मिश्रा के कार्यकाल में उन पर किसी प्रकार के आरोप-प्रत्यारोप नहीं लगे।
उन्होंने संगठन में बिखराव भी नहीं होने दिया। इसी तरह नगर निगम चुनाव में टिकट मांगने वाली शिल्पी गुप्ता को भाजपा ने महानगर अध्यक्ष बनाकर सभी को चौंका दिया था। दोनों ही नेताओं ने संगठन के लिए पूरी तन्मयता से काम किया, चूंकि नगरीय क्षेत्र में ब्राह्मण और वैश्य बिरादरी चुनाव में निर्णायक भूमिका में हैं।
ऐसे में जिले में केसी मिश्रा और महानगर में शिल्पी गुप्ता को पद देकर दोनों ही बिरादरी को पार्टी ने साधकर सामंजस्य बनाने का काम किया है। इसे वर्ष 2024 में लोकसभा चुनाव की जीत का इनाम भी माना जा रहा है।