11 साल से न्याय के लिए भटक रही है पीड़िता
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शहर की बिटिया से दुराचार के मामले में जेल में बंद आसाराम के खिलाफ गवाही देने वाले शाहजहांपुर के गदियाना मोहल्ला निवासी ट्रांसपोर्ट कर्मचारी कृपाल सिंह की हत्या की बात गुजरात एटीएस के समक्ष कबूलने वाले शूटर कार्तिक हालदार को शाहजहांपुर सीजेएम कोर्ट ने तीन मई को प्रस्तुत करने कहा है। सदर बाजार थाना की टीम ने इस संबंधी वारंट अहमदाबाद जाकर वहां के सीजेएम कोर्ट, जेल और एसएसपी को तामील करा दिया ताकि समय पर उसे यहां लाकर कोर्ट में पेश किया जा सके। सदर बाजार थाना के प्रभारी इंस्पेक्टर केके वर्मा ने बताया कि उसे कड़ी सुरक्षा में यहां लाने की तैयारी है।
जेल में बंद आसाराम के लिए शार्प शूटर बना उनका सेवादार कार्तिक गत दिनों गुजरात एटीएस के हत्थे चढ़ा था। पूछताछ में उसने आसाराम प्रकरण में पीड़ित बिटिया के शहर शाहजहांपुर में ही दो वारदात की बात कबूली थी। वहां की पुलिस को पूछताछ में इसने बताया कि नक्सलियों को असलहा आपूर्ति करने वाले से इसने डेढ़ लाख रुपये में अत्याधुनिक दोनाली बंदूक खरीदी थी। उसके नाल को बट को काटकर इसने उसे कट्टे का शक्ल दे दिया था। अपने शिकारों का एक ही बार में काम तमाम करने के लिए उसने खास किस्म के कारतूस का हर फायर में इस्तेमाल किया जिसमें शरीर को भेदते ही कारतूस तीन हिस्सों में टूटकर शरीर को छलनी करती है। इसका निशाना हर बार सीना या पीठ ही होता था। शाहजहांपुर में 10 जुलाई 2015 को सदर बाजार थाना इलाके में इसने उसी कट्टे से उसी खास किस्म के कारतूस का फायर गवाह कृपाल पर पीछे से झोंका था और फिर बाइक से भाग निकला था। अगले दिन बरेली में उपचार के दौरान कृपाल की मौत हो गई थी।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि इससे कुछ माह पहले भी वह शाहजहांपुर में एक मीडियाकर्मी पर उसके दफ्तर के नीचे ही जानलेवा हमला किया था जिसमें मीडियाकर्मी की गर्दन पर गंभीर जख्म हुए थे और करीब 40 से अधिक टांके लगे थे। उस प्रकरण में कट्टे का इस्तेमाल न करने के संबंध में गुजरात एटीएस को कार्तिक ने बताया था कि शहर के बीच का चहलपहल वाला इलाका होने के चलते हंसिए से वार कर सुरक्षित भाग निकलने की योजना बनाई थी।